मदुरै (तमिलनाडु), 12 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रमुख एम. के. स्टालिन को उनकी हिरासत के आधिकारिक आदेश की प्रति दिखाने की शनिवार को चुनौती दी और इस दावे पर सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री को आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) के तहत जेल में रखा गया था।
राज्य के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को प्रताड़ना झेलने वाले नेता के रूप में पेश करने के द्रमुक के पुराने दावे को सही साबित करने वाला कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि द्रमुक अध्यक्ष को 1975-77 के आपातकाल के दौरान कड़े मीसा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था।
निर्मल कुमार ने 17 सितंबर को होने वाले श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि मीसा के तहत हिरासत में लिए जाने के स्टालिन के दावे की पुष्टि करने वाले आधिकारिक आदेश की कोई प्रति मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिरासत के आदेश की कोई प्रति नहीं है, मीसा के तहत कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।’’
उन्होंने विपक्षी द्रमुक पर स्टालिन को अपुष्ट ऐतिहासिक दावों के आधार पर राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार हुए नेता के रूप में पेश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
कुमार ने कहा, ‘‘मूल सवाल यही है कि उन्हें मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था या नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी व्यक्ति को इस तरह के कानून के तहत गिरफ्तार किया जाता है तो उसकी हिरासत के औपचारिक आदेश की प्रति जरूर होती है। क्या स्टालिन या द्रमुक के पास ऐसे किसी आदेश की प्रति है? ’’
मंत्री ने द्रमुक के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि करीब 40 साल से जारी इस विवाद को पार्टी जितनी बार उठाती है, उसे उतना ही नुकसान होता है।
उन्होंने दावा किया कि उस समय स्टालिन को मीसा के बजाय संभवत: किसी अन्य कानूनी प्रावधान के तहत गिरफ्तार किया गया था।
निर्मल कुमार ने द्रमुक द्वारा सरकारिया आयोग से जुड़े पुराने दस्तावेजों या पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में प्रकाशित लेखों जैसे द्वितीयक दस्तावेजों पर भरोसा किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाचार रिपोर्ट और गवाहों के बयान सरकारी हिरासत के आधिकारिक आदेश का विकल्प नहीं हो सकते।
कुमार की ये टिप्पणियां तमिलनाडु विधानसभा में पिछले कुछ दिनों से जारी तीखे टकराव के बीच आई हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सरकारिया आयोग के दस्तावेजों का हवाला दिया था और मीसा के तहत गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए जबड़े से संबंधित एक इशारा किया था जिसके बाद तनाव बढ़ गया था। इसके बाद विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी हुई तथा अंततः द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया।
स्टालिन ने हाल में एक वीडियो जारी कर जेल में रहने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया था कि हिरासत के दौरान उन्हें बुरी तरह पीटा गया था और उनका जबड़ा टूट गया था।
निर्मल कुमार ने आगामी उपचुनावों का जिक्र करते हुए उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी द्रमुक और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) दोनों पर निशाना साधा।
उन्होंने विशेष रूप से द्रमुक उम्मीदवार परंथमन की आलोचना करते हुए उन्हें ‘‘बाहरी व्यक्ति’’ बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्र एग्मोर की सेवा नहीं की।
भाषा
सिम्मी शोभना
शोभना