नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें जीएसटी अधिकारियों द्वारा एक वकील के कार्यालय की तलाशी लिए जाने और कंप्यूटर जब्त किए जाने को सही ठहराया गया था।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने वकील पुनीत बत्रा की याचिका पर नोटिस जारी किया और उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।
शीर्ष अदालत ने 25 सितंबर को जीएसटी अधिकारियों को अधिवक्ता पुनीत बत्रा के कार्यालय से जब्त किए गए डेटा के विश्लेषण की प्रक्रिया को 28 सितंबर तक आगे नहीं बढ़ाने को कहा था।
न्यायालय ने अधिकारियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू से कहा था कि अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई होने तक कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
बत्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 18 सितंबर के फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि अगर प्रथम दृष्टया यह सबूत हो कि कोई कानूनी पेशेवर अपराध में शामिल है तो जांच एजेंसियां वकील के कार्यालय की तलाशी ले सकती हैं।
पिछले सप्ताह शीर्ष अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं विकास सिंह और एन हरिहरन की दलीलों पर गौर किया था और बत्रा के कार्यालय में जीएसटी अधिकारियों के तलाशी लेने तथा कंप्यूटर जब्त किए जाने को सही ठहराने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी।
भाषा संतोष अविनाश
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