स्टेम सेल ‘थेरेपी’ से एएसडी का उपचार: न्यायालय ने केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट के लिए चार सप्ताह का समय दिया

स्टेम सेल 'थेरेपी' से एएसडी का उपचार: न्यायालय ने केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट के लिए चार सप्ताह का समय दिया

स्टेम सेल ‘थेरेपी’ से एएसडी का उपचार: न्यायालय ने केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट के लिए चार सप्ताह का समय दिया
Modified Date: July 30, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: July 30, 2026 7:24 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) के लिए स्टेम सेल ‘थेरेपी’ से जुड़े मामले में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को चार सप्ताह का समय दिया।

इस रिपोर्ट में खास तौर पर यह बताना होगा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) के लिए स्टेम सेल ‘थेरेपी’ से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत के निर्देशों को सरकार किस तरह लागू करने का इरादा रखती है।

शीर्ष अदालत ने 30 जनवरी के एक फैसले में कहा था कि चिकित्सा विशेषज्ञ एएसडी के लिए किसी स्वीकृत और निगरानी वाले क्लीनिकल ट्रायल या शोध व्यवस्था के बाहर स्टेम सेल उपचार को ‘क्लिनिकल सर्विस’ के तौर पर उपलब्ध नहीं करा सकते।

अदालत ने यह भी कहा था कि किसी स्वीकृत क्लीनिकल ट्रायल के बाहर मरीजों पर स्टेम सेल का कोई भी उपयोग ‘‘अनैतिक’’ है और इसे ‘‘कदाचार’’ माना जाना चाहिए।

देशभर के कई क्लीनिक द्वारा स्टेम सेल ‘थेरेपी’ के व्यापक प्रचार, मरीज के पर्चे पर लिखे जाने और एएसडी के उपचार के नाम पर मरीजों को स्टेम सेल थेरेपी दिए जाने को लेकर गंभीर चिंताएं उठाए जाने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत का यह फैसला आया था।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को यह मामला आया। पीठ ने पाया कि मामला उच्चतम न्यायालय के फैसले में दिए गए निर्देशों के पालन से जुड़ा है।

पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से एक संक्षिप्त हलफनामा दाखिल किया गया है।

पीठ ने गौर किया कि हलफनामे में सिर्फ फैसले के एक पैराग्राफ में अदालत द्वारा दिए गए निर्देश का जिक्र है।

पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से पूछा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है। विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आपको और कितना समय चाहिए?’’

इस पर भाटी ने एक पूरी और विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय देने का अनुरोध किया।

पीठ ने कहा, ‘‘हम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को इस मामले के सभी पहलुओं पर एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय देते हैं। रिपोर्ट में विशेष रूप से यह बताया जाए कि केंद्र सरकार ने इस फैसले पर किस प्रकार विचार किया है, वह जारी सभी निर्देशों को किस तरह लागू करने का इरादा रखती है तथा अब तक उसने क्या कदम उठाए हैं।’’

पीठ ने मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत


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