छात्रों को असफलता के लिए प्रश्नपत्र लीक का बहाना बनाने के बजाय पढ़ाई करनी चाहिए : निशिकांत दुबे

छात्रों को असफलता के लिए प्रश्नपत्र लीक का बहाना बनाने के बजाय पढ़ाई करनी चाहिए : निशिकांत दुबे

छात्रों को असफलता के लिए प्रश्नपत्र लीक का बहाना बनाने के बजाय पढ़ाई करनी चाहिए : निशिकांत दुबे
Modified Date: July 24, 2026 / 12:39 am IST
Published Date: July 24, 2026 12:39 am IST

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने बृहस्पतिवार को नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि वे कथित प्रश्नपत्र लीक मामले का इस्तेमाल अपने माता-पिता के सामने अपने खराब प्रदर्शन को सही ठहराने के लिए ‘बहाने’ के तौर पर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो छात्र डॉक्टर, इंजीनियर या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते हैं, उन्हें जंतर-मंतर पर एकत्र होने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

दुबे ने हर साल चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कई छात्र अपनी विफलता का कारण कथित प्रश्नपत्र लीक को बताने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेडिकल (एमबीबीएस) की लगभग 65,000 सीटें हैं, लेकिन हर साल करीब 22 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं। हर माता-पिता का मानना ​​होता है कि उनका बच्चा होनहार और पढ़ाई में अव्वल है।’’

झारखंड के गोड्डा से लोकसभा सदस्य दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘छात्रों ने अपने माता-पिता को यह समझाने की कोशिश की कि वे पढ़ाई में तो अच्छे हैं, लेकिन परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाने के कारण वे मुकाबला नहीं कर पाए। उन्होंने अपनी विफलता के लिए प्रश्नपत्र लीक को बहाना बनाया।’’

उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

दुबे ने कहा, ‘‘इससे उनमें निराशा की भावना पैदा होती है। माता-पिता और छात्रों को यह समझने की ज़रूरत है कि जंतर-मंतर उनके लिए सही जगह नहीं है। अगर वेमेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज या सिविल सेवा में जाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि सरकार कथित प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दुबे ने विपक्ष से संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने देने का आह्वान किया ताकि प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों के खिलाफ़ सख़्त कानूनी प्रावधान बनाए जा सकें।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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