फर्जी वोटर्स,सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और मप्र-राजस्थान के निर्वाचन आयोग को दी 10 दिन की मोहलत
फर्जी वोटर्स,सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और मप्र-राजस्थान के निर्वाचन आयोग को दी 10 दिन की मोहलत
जबलपुर। मध्यप्रदेश और राजस्थान में फर्जी वोटर्स के मामले पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब देने के लिए और वक्त की मांग की है। ऐसे में मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग सहित मध्यप्रदेश और राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोगों को जवाब देने के लिए 10 दिन की मोहलत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई 10 सितंबर को करना तय किया है। इस दिन कोर्ट कोई आदेश भी पारित कर सकती है। बता दें कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ और राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ये याचिकाएं दायर की गई थीं।
यह भी पढ़ें : अलका लांबा का बयान-डॉक्टर मुख्यमंत्री के राज्य में विकास देखने आई थी लेकिन यहां डेंगू से मौतें दिखी
इन याचिकाओं में फर्जी वोटर्स का मुद्दा उठाया गया है और ईवीएम सहित वीवीपैट मशीनों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाओं में मांग की गई है कि चुनाव में वीवी-पैट पर्चियों का सत्यापन किया जाए। याचिका में मांग की गई है कि ईव्हीएम में डाले जाने वाले वोटों का मिलान वीवी-पैट से किया जाए जिसके अलावा दर्ज वोट की पर्ची देखने का समय 7 सेकंड से ज्यादा बढ़ाया किया जाए।
याचिका में ये भी मांग की गई है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में फ्री एंड फेयर इलेक्शन करवाने के लिए सभी बोगस वोटर्स के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाएं।
वेब डेस्क, IBC24

Facebook


