उच्चतम न्यायालय का तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इनकार

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उच्चतम न्यायालय का तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इनकार

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 02:20 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 02:20 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक संपत्ति को ढहाए जाने के खिलाफ संरक्षण देने के अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सोमवार को कहा कि याचिकाकर्ता को पहले संबंधित क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले पर सीधे विचार करने से इनकार कर दिया।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि विधिवत स्वीकृत भवन नक्शा होने के बावजूद अधिकारी तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे बढ़ा रहे हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे के अनुरूप किया गया था, जबकि अधिकारियों का आरोप है कि यह निर्माण तालाब क्षेत्र की भूमि पर किया गया है।

वकील ने जारी तोड़फोड़ की कार्रवाई को देखते हुए अदालत से तत्काल संरक्षण देने का आग्रह किया।

हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने तत्काल सुनवाई और किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शीर्ष अदालत इस मामले पर पहले विचार नहीं करेगी और याचिकाकर्ता को उचित कानूनी राहत के लिए संबंधित उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए।

सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘भले ही इसे आज पूरी तरह से ढहा दिया जाए, फिर भी मैं नहीं…’’।

प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि वादियों में संबंधित उच्च न्यायालयों को दरकिनार कर सीधे उच्चतम न्यायालय से तत्काल हस्तक्षेप के अनुरोध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है।

भाषा

खारी मनीषा वैभव

वैभव