ममता सरकार को सुप्रीम राहत,पश्चिम बंगाल में फिर से नहीं होंगे पंचायत चुनाव,नतीजों पर लगी रोक हटी

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ममता सरकार को सुप्रीम राहत,पश्चिम बंगाल में फिर से नहीं होंगे पंचायत चुनाव,नतीजों पर लगी रोक हटी

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  • Publish Date - August 24, 2018 / 08:22 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:08 PM IST

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्णय दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि निर्विरोध जीती गई सीटों पर दुबारा चुनाव नहीं होंगे। याचिका इस फैसले से तृणमूल कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। याचिकाकर्ता ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव को रद्द करने या टीएमसी द्वारा निर्विरोध जीती गई 20,158 सीटों पर फिर से चुनाव कराए जाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि विपक्षियों को तृणमूल कांग्रेस ने नामांकन दाखिल करने ही नहीं दिया। कोर्ट ने हालांकि इस पर कहा कि उसके लिए 30 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दाखिल की जा सकती है सुप्रीम कोर्ट ने 20,159 सीटों के नतीजे घोषित करने पर लगी रोक हटा दी हैअब राज्य चुनाव आयोग नतीजे घोषित कर सकता है

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वहीं सर्वोच्च अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट के ईमेल से नामांकन दाखिल करने के आदेश को भी रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ईमेल या व्हाट्सएप्प से नामांकन नहीं हो सकता, क्योंकि ये कानून में नहीं है. बता दें कि ममता सरकार ने दोबारा चुनावों का विरोध करते हुए कहा था कि बीजेपी की राज्य में कोई उपस्थिति नहीं है राज्य सरकार ने कहा कि चुनाव में हिंसा दोबारा मतदान के लिए आधार नहीं हो सकता। अन्यथा हर उम्मीदवार जिसके पास जीतने का कोई मौका नहीं है वह हिंसा करा सकता है और चुनाव रोक सकता है

वहीं, सीपीएम और बीजेपी ने तर्क रखा कि उनके उम्मीदवारों पीटा गया और नामांकन दाखिल करने से रोका गयादरअसल, ग्राम पंचायतों में 48,650 पदों, जिला परिषदों में 825 पद और पंचायत समितियों में 9,217 पदों के लिए चुनावों में चुनाव हुए थे और आरोप था कि लगभग 34 प्रतिशत सीटों पर विपक्ष से कोई प्रत्याशी नहीं था

वेब डेस्क, IBC24