शुभेंदु ने ‘सबुज साथी’ योजना को ‘सारथी’ नाम दिया, 12.59 लाख छात्रों को साइकिल मिलेगी

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शुभेंदु ने ‘सबुज साथी’ योजना को ‘सारथी’ नाम दिया, 12.59 लाख छात्रों को साइकिल मिलेगी

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 08:59 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 08:59 PM IST

कोलकाता, 29 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में ‘सारथी’ योजना के तहत 12.59 लाख विद्यार्थियों को साइकिल वितरित करेगी।

शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में साइकिल विनिर्माण के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया और संभावित निवेशकों को जमीन व खरीद के अनुबंध की पेशकश की।

हावड़ा के ब्यंत्रा में मधुसूदन पाल चौधरी उच्च विद्यालय में ‘सारथी’ योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नौवीं कक्षा और उससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थी को साइकिल देने की मौजूदा व्यवस्था के बजाय, अगले वित्तीय वर्ष से इस कार्यक्रम का विस्तार आठवीं के छात्रों तक किया जाएगा।

अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘पहले पुर्जे पंजाब से लाए जाते थे और उन्हें जोड़कर यहां साइकिल तैयार की जाती थी। अब से सब कुछ यहीं बनाया जाएगा। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को ही काम के ऑर्डर मिलते थे। हमने उस व्यवस्था को बदल दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम न सिर्फ उन उद्यमियों को जमीन देंगे जो इस राज्य में साइकिल फैक्टरी लगाएंगे, बल्कि उनके उत्पाद खरीदने के लिए उनसे सौदे करने की भी योजना बना रहे हैं। हमारी सरकार प्रधानमंत्री की ‘वोकल फॉर लोकल’ नीति का पालन करेगी।’’

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 8,228 स्कूलों में मौजूदा 2026-27 वित्तीय वर्ष के दौरान 12.59 लाख विद्यार्थियों को साइकिल मिलेगी।

नये नाम वाली योजना के तहत साइकिलों का रूप-रंग बदल दिया गया है। पहले वाले नीले रंग की जगह अब केसरिया रंग का इस्तेमाल किया गया है और पुराने ‘बिश्व बांग्ला’ लोगो की जगह एक नया लोगो लगाया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार घटिया साइकिल खरीदती थी और उन्हें अपनी ‘सबुज साथी’ योजना के तहत विद्यार्थियों को वितरित करती थी।

भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की ‘सबुज साथी’ योजना का नाम बदलकर ‘सारथी’ कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा से जुड़ी नीतियों को लेकर पिछली तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी सरकारों पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन तृणमूल सरकार ने स्कूलों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) मॉड्यूल को खत्म करके बड़ी गलती की, उसी तरह जैसे वाम सरकार ने प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी की पढ़ाई हटाकर गलती की थी।

उन्होंने कहा, ‘मैंने आने वाले दिनों में और अधिक स्कूलों में एनसीसी शुरू करने को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। हम स्कूल के पाठ्यक्रम में एनसीसी, एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) और ब्रतचारी को फिर से शामिल करेंगे।’’

ब्रतचारी आंदोलन एक सामाजिक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आंदोलन है, जिसे 1932 में अविभाजित बंगाल में सिविल सेवक और लोक-संस्कृति विशेषज्ञ गुरुसदै दत्त ने शुरू किया था।

अपनी अन्य अहम घोषणाओं के अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 से छात्राओं के लिए सालाना भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया जाएगा।

भाषा सुभाष अमित

अमित