कोलकाता हवाई अड्डा परिसर में स्थित मस्जिद में प्रवेश पर रोक लगाए जाने का शुभेंदु ने किया समर्थन

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कोलकाता हवाई अड्डा परिसर में स्थित मस्जिद में प्रवेश पर रोक लगाए जाने का शुभेंदु ने किया समर्थन

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 10:31 PM IST

कोलकाता, 12 जुलाई (भाषा) कोलकाता हवाई अड्डे के अंदर स्थित एक मस्जिद में सामूहिक नमाज के लिए प्रवेश पास पर रोक लगाए जाने को लेकर जारी विवाद पर पश्चिम बंगाल सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि जिस स्थान का भू-राजनीतिक महत्व बहुत अधिक हो, उसके गेट बाहरी लोगों के लिए खुले नहीं रखे जा सकते।

पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक में भाजपा की विशेष संगठनात्मक बैठक के बाद अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा सर्वोपरि है।

अधिकारी ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा और हवाई अड्डे की सुरक्षा को हर चीज पर प्राथमिकता मिलेगी। मुख्यमंत्री के रूप में मैं इस पर और कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन और बांग्लादेश दोनों इसके करीब हैं। इसके गेट बाहरी लोगों के लिए खुले नहीं रखे जा सकते।”

उन्होंने कहा, “हमने किसी को धर्म का पालन करने से नहीं रोका है। बकरीद पशु वध कानूनों का पालन करते हुए मनाई गई, मुहर्रम बिना हथियारों के प्रदर्शन के मनाया गया और कोई समस्या नहीं हुई। कानून का पालन करें और अच्छे नागरिक की तरह व्यवहार करें। अपने धर्म का पालन व्यक्तिगत रूप से करें, दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश न करें। तब सब कुछ सुचारु रूप से चलेगा।”

मुख्यमंत्री हवाई अड्डा परिसर में द्वितीय रनवे के पास स्थित मस्जिद में अस्थायी रूप से नमाज पर रोक लगाए जाने को लेकर हो रहे विरोध से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। मस्जिद समिति के अध्यक्ष और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे रहे सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने यह मुद्दा उठाया था।

चौधरी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दबी आवाज में आपत्ति जताई, क्योंकि वह नयी सरकार से बात कर रहे थे।

अधिकारी ने कहा, “अगर पिछली सरकार होती तो वह धमकी देते और दबाव बनाते हुए कहते कि वह एक विशेष समुदाय के वोटों से सत्ता में आई है।”

हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि बांकड़ा मस्जिद के नाम से मशहूर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर स्थित 136 साल से अधिक पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में शनिवार से तीन दिनों के लिए नमाज पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि मस्जिद का नवीनीकरण किया जा रहा है।

हवाई अड्डा दमदम उत्तर से भाजपा के विधायक सौरव सिकदर के विधानसभा क्षेत्र में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हवाई अड्डा परिसर में मस्जिद होने से दोनों रनवे का पूरी तरह उपयोग प्रभावित हुआ है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं।

उन्होंने दावा किया कि नमाज के लिए आने वाले लोगों को हवाई अड्डे के पास या पृष्ठभूमि जांच की आवश्यकता नहीं होती।

सिकदर ने कहा, “हवाई अड्डा एक सुरक्षित क्षेत्र है। हवाई अड्डे में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को फोटो वाला बायोमेट्रिक पास लेना होता है। यह मस्जिद सबसे अधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसे लेवल तीन कहा जाता है।”

सिकदर ने कहा कि इस हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के अलावा हर महीने लाखों यात्री आते-जाते हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने यह मुद्दा अधिकारियों के सामने उठाया है और दावा किया है कि मौजूदा व्यवस्था से सुरक्षा संबंधी खतरा हो सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है, तो मस्जिद में नमाज पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी।

चौधरी ने कहा, ‘‘यह मस्जिद 135 साल से अधिक पुरानी है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। किसी भी सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए हम तैयार हैं। नमाज के लिए लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी।’’

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप