कोलकाता, 20 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) सुशांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट सोमवार को सार्वजनिक की जाएगी।
इस आयोग का गठन पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 21 जुलाई, 1993 को युवा कांग्रेस की रैली के दौरान पुलिस कार्रवाई में मारे गए 13 लोगों की मौत की जांच के लिए किया था।
विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा आयोजित की जाने वाली 21 जुलाई की ‘शहीद दिवस’ रैलियों से एक दिन पहले इस रिपोर्ट को राज्य की जनता के सामने रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट के साथ यह जानकारी भी साझा की जाएगी कि आयोग की किन सिफारिशों को पिछले 15 वर्षों में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लागू किया गया और किन्हें अब तक अमल में नहीं लाया गया।
गौरतलब है कि इस आयोग का गठन वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने किया था। आयोग को 21 जुलाई, 1993 को कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में युवा कांग्रेस की रैली के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। उस समय राज्य में वाम मोर्चा की सरकार सत्ता में थी।
वर्ष 1993 में हुई इस घटना के समय ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्ष थीं। बाद में उन्होंने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया।
मंगलवार को, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला टीएमसी का धड़ा और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला प्रतिद्वंद्वी गुट, दोनों ही पुलिस कार्रवाई में मारे गए लोगों की याद में अलग-अलग ‘शहीद दिवस’ रैलियां करने वाले हैं। कांग्रेस भी 1993 में आयोजित रैली के दौरान मारे गए लोगों की याद में एक रैली आयोजित करने वाली है।
भाषा नरेश दिलीप
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