गोवा में इलाज में लापरवाही के कारण किशोर को पैर गंवाना पड़ा, आरोपी चिकित्सक निलंबित

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गोवा में इलाज में लापरवाही के कारण किशोर को पैर गंवाना पड़ा, आरोपी चिकित्सक निलंबित

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 01:01 AM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 01:01 AM IST

पणजी, 11 मई (भाषा) उत्तरी गोवा के वालपोई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात एक चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण अस्पताल में इलाज कराने वाले 11 वर्षीय लड़के का पैर ‘गैंग्रीन’ (संक्रमण की वजह से सड़न) के कारण काटना पड़ा था।

राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गिरने की वजह से लड़के के बाएं पैर में चोट आई थी और उसे 27 अप्रैल को वालपोई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. यवंती गावडे ने लड़के की जांच की।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रारंभिक उपचार के तहत एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारी सुरेश ने प्लास्टर लगाया गया था जो कथित तौर पर गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से प्रतिनियुक्त ऑर्थोपेडिक रेजिडेंट्स की सहायता कर रहा था और ऑर्थोपेडिक सहायक के रूप में कार्य कर रहा था।’’

लड़के को बुखार, उल्टी और सुस्ती की शिकायत होने पर 28 अप्रैल को उसे फिर से सीएचसी वालपोई के आपातकालीन विभाग में लाया गया, जिसके बाद उसे बंबोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

इस दौरान मरीज के पैर की उंगलियों में सूजन आ गई, जिसके बाद गैंग्रीन के कारण प्रभावित अंग को काटना पड़ा।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि समिति की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि गावडे ने ‘‘चिकित्सकीय लापरवाही’’ की, जिन्हें विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

भाषा

सुरभि संतोष

संतोष