नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव और सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किए जाने की कड़ी आलोचना की।
कांग्रेस का दावा है कि ये नियुक्तियां निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ‘‘खुलेआम मिलीभगत और सांठगांठ’’ को दर्शाती हैं।
विपक्षी दल ने यह भी कहा कि इस मिलीभगत को छिपाने या गोपनीय रखने की भी कोई कोशिश नहीं की जा रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में हाल में हुए विधानसभा चुनाव की निगरानी करने वाले 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी और पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है।
रमेश ने बताया कि इसी तरह 1990 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है, जिन्होंने बंगाल में विशेष पर्यवेक्षक के रूप में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की विशेष सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की निगरानी की थी।
रमेश ने कहा, ‘‘ये नियुक्तियां निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच खुलेआम मिलीभगत और सांठगांठ को दर्शाती हैं। अब इस मिलीभगत को गोपनीय रखने या छिपाने की भी कोशिश नहीं की जा रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष नहीं था और उसने केवल भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए काम किया।
भाषा
सुरभि संतोष
संतोष