(Stock Market 12 May 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market 12 May 2026 in India: आज मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुल सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव है। निवेशकों को डर है कि अगर यह तनाव और बढ़ा तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार पर भी पड़ सकता है। इसी कारण बाजार में पहले से दबाव का माहौल बना हुआ है।
मंगलवार सुबह एशियाई बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 1.22 प्रतिशत मजबूत हुआ। जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.58 प्रतिशत चढ़ गया। हांगकांग के फ्यूचर्स भी मजबूती के संकेत दे रहे हैं। हालांकि एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद भारतीय बाजार पर ग्लोबल तनाव का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। निवेशक फिलहाल किसी भी बड़े जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
गिफ्ट निफ्टी करीब 23,679 के स्तर पर कारोबार करता दिखा जो निफ्टी फ्यूचर्स से लगभग 190 अंक नीचे है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़े गैप डाउन के साथ हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में छोटे निवेशकों को सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक सेंसेक्स फिलहाल कमजोरी के दौर में है। अगर यह 76,500 के नीचे बना रहता है तो गिरावट जारी रह सकती है। वहीं निफ्टी 50 के लिए 23,800 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 23,500 या उससे नीचे जा सकता है। दूसरी ओर बैंक निफ्टी भी दबाव में है। अगर बैंक निफ्टी 54,000 के नीचे फिसलता है तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पूरे दिन बाजार में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,312 अंक टूटकर 76,015 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 360 अंक गिरकर 23,815 पर पहुंच गया। बाजार की इस कमजोरी से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब सभी की नजर आज के कारोबार पर टिकी हुई है कि बाजार संभलेगा या गिरावट और बढ़ेगी।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।