टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा ने थाने के समीप प्रदर्शन किया

टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा ने थाने के समीप प्रदर्शन किया

टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा ने थाने के समीप प्रदर्शन किया
Modified Date: January 11, 2024 / 07:11 pm IST
Published Date: January 11, 2024 7:11 pm IST

कोलकाता, 11 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमला मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार करने में पुलिस की कथित नाकामी को लेकर बृहस्पतिवार को उत्तर 24 परगना के नजात पुलिस थाने के निकट विरोध प्रदर्शन किया।

टीएमसी कार्यकर्ताओं ने युवा नेता शेख के संदेशखाली स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने थाने तक एक किलोमीटर का मार्च निकाला, लेकिन उन्हें बैरिकेड से पहले ही रोक दिया गया, जिसके बाद कार्यकर्ता वहीं बैठ गए।

बाद में भाजपा का एक पांच-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल थाने के भीतर गया और शाहजहां शेख की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग वाला ज्ञापन वहां मौजूद अधिकारी को सौंपा।

ईडी ने अपने कर्मियों पर हमले के संबंध में नजात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि टीएमसी नेता के परिवार और राज्य पुलिस ने भी केंद्रीय जांच एजेंसी के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज की हैं।

मजूमदार ने कहा कि भाजपा के ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन को रोकने के लिए थाने के आसपास के क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई, लेकिन पार्टी ने आदेश का सम्मान करते हुए पुलिस से अनुरोध किया कि उसके पांच प्रतिनिधियों को अंदर जाने की अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा, ”शाहजहां शेख की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति और धन के रहस्य का पर्दाफाश करने के लिए उनके आवास पर गए ईडी के अधिकारियों पर हमले को छह दिन बीत चुके हैं। केंद्रीय एजेंसी के जांचकर्ताओं पर हमला पूर्व-नियोजित था। वह (शेख) सत्तारूढ़ दल के समर्थन से अभी भी एजेंसी की पहुंच से दूर हैं।”

मजूमदार ने भाजपा प्रतिनिधियों के थाने में प्रवेश से पहले संवाददाताओं से कहा, ”हम पुलिस से शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के लिए एक तय समय सीमा की मांग करते हैं।”

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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