संतों के संगठन ने ‘समान अनुष्ठान संहिता’ का प्रस्ताव रखा

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संतों के संगठन ने ‘समान अनुष्ठान संहिता’ का प्रस्ताव रखा

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 01:15 AM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 01:15 AM IST

नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की विभिन्न धाराओं को एक साथ लाने के उद्देश्य से भारतीय संत महा परिषद (बीएसएमपी) के बैनर तले देशभर से 300 से अधिक संत सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा हुए।

सभा में भारतीय संस्कृति में निहित परंपराओं को एक सामान्य सांस्कृतिक ढांचे के तहत लाने के बीएसएमपी के मिशन के हिस्से के रूप में एक समान अनुष्ठान संहिता (यूआरसी) और एक समान सामान्य संस्कार शिक्षा (यूजीएसई) का भी प्रस्ताव रखा गया।

आयोजन के बाद महामंडलेश्वर जयेंद्र पुरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सभा भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की विभिन्न धाराओं को एक साझा दृष्टिकोण के तहत लाने का एक प्रयास है।

पुरी ने कहा, “एक समान दृष्टिकोण रखने वाले संतों ने निर्णय लिया है कि संपूर्ण समाज, सांप्रदायिक और दार्शनिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए, एकजुट होकर विशेष कार्य योजनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की उन्नति के लिए काम करेगा। यही इस पहल का सार है।”

भाषा पारुल जोहेब

जोहेब