इंफाल/गुवाहाटी, 17 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में हजारों लोगों ने हाल में हुए बम हमले के विरोध में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए मशाल रैली निकाली और इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस बम हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी।
मशाल लिए हजारों लोग बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे सिंगजामेई में रैली में शामिल हुए और उन्होंने बिष्णुपुर जिले के ट्रोंग्लाओबी में सात अप्रैल को हुए विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी की और मौके पर तैनात कर्मियों से अपशब्द कहे।
करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद रैली चिंगमथक पहुंची, जो मुख्यमंत्री के बंगले, पुलिस मुख्यालय और लोक भवन से कुछ किलोमीटर दूर है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों की संख्या प्रदर्शनकारियों की तुलना में बहुत कम थी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से निषेधाज्ञा लागू होने के कारण वापस लौटने को कहा जिसके बाद टकराव की स्थिति बन गई।
उन्होंने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
अधिकारियों ने बताया कि कई युवकों ने सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव भी किया जिससे तनाव और बढ़ गया।
झड़प में कई लोग घायल हुए हैं और कम से कम पांच लोगों को मामूली चोटों एवं आंसू गैस के धुएं से सांस लेने में दिक्कत होने के कारण नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ तत्व राज्य में मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर अपने-अपने सरकार विरोधी और सुरक्षा बल विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
ट्रोंग्लाओबी बम हमले के बाद भड़के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घरों से बाहर निकलने पर रोक लगाने वाला आदेश अब भी लागू है।
भाषा सिम्मी सुरभि
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