टीएमसी सरकार राज्य सचिवालय से नहीं चलती, बल्कि इसे पार्टी के संरक्षित अपराधी चला रहे हैं : मोदी

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टीएमसी सरकार राज्य सचिवालय से नहीं चलती, बल्कि इसे पार्टी के संरक्षित अपराधी चला रहे हैं : मोदी

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 05:46 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 05:46 PM IST

(तस्वीर के साथ)

आरामबाग (प. बंगाल), 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है।

चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए टीएमसी की ‘‘असामाजिक तत्वों पर निर्भरता’’ के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है।

मोदी ने कहा, ‘‘टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है।’’

उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी।

ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ‘‘पूरी तरह से खत्म’’ होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी।

राज्य के आलू किसानों की ‘‘दुर्दशा’’ के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार से जुड़ा ‘सिंडिकेट राज’ उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है।

मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ‘‘अपराधियों को संरक्षण देने’’ का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘चार मई के बाद, जब बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, तो राज्य में सिंडिकेट राज, रिश्वतखोरी और कमीशन राज का अंत हो जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने संकल्प जताया कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद वह हुगली जिले को देश के औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने को प्राथमिकता देगी।

भाषा शफीक रंजन

रंजन