Mahua Moitra Replied to Markandey Katju || Image- AI Image
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में एक तरफ जहां भाजपा ने पहली बार सरकार बना ली है तो वही दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। टीएमसी के नेता फ़िलहाल निषेण पर हैं और उनपर कई बड़े आरोप लग रहे हैं। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू के एक स्टेटमेंट ने टीएमसी की महिला नेत्री और सांसद महुआ मोइत्रा को नाराज कर दिया है। हालांकि हंगामे से पहले ही पूर्व जज ने अपना सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिया है।
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई भी आश्चर्य नहीं होगा अगर महुई मोइत्रा, सायोनी घोष और सागरिका टीएमसी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी को यह ऐलान कर देना चाहिए कि उन्होंने चुनाव जीत लिया है। हालांकि उन्होंने कुछ ही समय बाद अपना पोस्ट डिलीट कर दिया था।
काटजू के इस दावे से मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए लिखा कि, महोदय काटजू जी, पूरे सम्मान के साथ मुझे आपको सही करना चाहिए। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) आपके जैसे कई अन्य लोगों के विपरीत, जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद की छुट्टियों के लिए गुप्त संघी बनने की आवश्यकता होती है, मैंने अपनी युवावस्था और करियर का बलिदान दिया क्योंकि मुझे अपने उद्देश्य पर विश्वास है। कृपया संवेदनशील समय में निराधार दावे न करें।
Sir @mkatju – with due respect I must correct you. Unlike many others of your ilk who need to be secret Sanghis for post-retirement sinecures, I sacrificed my youth & career because I believe in my cause. Please don’t make unfounded claims in sensitive times. Regards. pic.twitter.com/f95EohAWvf
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 8, 2026
वही इस मामले से अलग तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता रिजु दत्ता को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने उन पर अनुशासन तोड़ने और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाया है। वही सस्पेंशन के बाद रिजू दत्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें “सच बोलने” की सजा मिली है। दत्ता ने लिखा कि उन्होंने 13 साल तक पार्टी के लिए मेहनत की और अपनी काबिलियत के दम पर आगे बढ़े, लेकिन अब उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।
TMC suspends Riju Dutta. https://t.co/5422w47IGH
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) May 9, 2026
रिजू दत्ता ने पार्टी के नोटिस पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि नोटिस में लिखा गया कि उन्होंने अनुशासन समिति के सामने पेश होकर जवाब नहीं दिया, जबकि उन्होंने तय समय के अंदर 9 मई को सुबह 11:27 बजे पार्टी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ में अपना जवाब जमा कर दिया था। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) उन्होंने पोस्ट में लिखा, “शायद मेरा जवाब पढ़ने से पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया गया था। लेकिन मैं वापस लौटूंगा।”
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रिजू दत्ता को 8 मई 2026 को शो-कॉज नोटिस भेजा गया था। इसमें उनसे पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ दिए गए बयानों पर जवाब मांगा गया था। पार्टी के मुताबिक, दत्ता ने व्हाट्सऐप पर समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें 8 मई को दोपहर 3 बजे अनुशासन समिति के सामने बुलाया गया। समिति के सदस्य शाम 5 बजे तक इंतजार करते रहे, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
After giving 13 yrs of my Youth to @AITCofficial , working incessantly to prove myself, rising through the ranks due to sheer performance (because I, am NOT a nepo kid) – my beloved party has SUSPENDED ME FOR 6 YEARS !
Why? Because I, spoke the truth.
The Suspension Notice… pic.twitter.com/HHulFLThzU
— 𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚 (@DrRijuDutta_TMC) May 9, 2026
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AITC ने कहा कि दत्ता के बयान पार्टी की एकता, छवि और अनुशासन के खिलाफ हैं। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए पार्टी की सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि हाल ही में रिजू दत्ता एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आए थे। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) इस वीडियो में उन्होंने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को लेकर कथित तौर पर विवादित बयान दिए थे।
बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत शुरू हो गयी है। सत्ता हाथ से जाने के बाद अब पार्टी के भीतर ‘अपनों’ ने ही शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अनुशासन बनाये रखने की कोशिश में टीएमसी की अनुशासनात्मक समिति ने कल यानी शुक्रवार को पार्टी के 5 बड़े प्रवक्ताओं को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया था। इन नेताओं पर आरोप थे कि इन्होंने सार्वजनिक मंचों पर पार्टी विरोधी टिप्पणी की और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाये।
पार्टी ने अपने 5 फायरब्रांड नेता को नोटिस जारी किया गया था। निम्नलिखित लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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