Mahua Moitra Latest News: महुआ मोइत्रा, सागरिका और सायोनी घोष भाजपा में होंगी शामिल?.. इस पूर्व जज के नसीहत से भड़की TMC नेत्री, लगा दी क्लास

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Mahua Moitra Replied to Markandey Katju: चारबाग रेलवे स्टेशन पर हंगामे के बाद विधायक पल्लवी पटेल समेत सैकड़ों समर्थकों पर रेलवे एक्ट में FIR दर्ज।

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  • Publish Date - May 9, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - May 9, 2026 / 10:34 PM IST

Mahua Moitra Replied to Markandey Katju || Image- AI Image

HIGHLIGHTS
  • पल्लवी पटेल पर चारबाग रेलवे स्टेशन में हंगामा करने का आरोप लगा।
  • करीब 400 समर्थकों संग प्लेटफॉर्म और रेलवे लाइन पर पहुंचीं विधायक पल्लवी पटेल।
  • आरपीएफ ने रेलवे एक्ट की कई धाराओं में FIR दर्ज की।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में एक तरफ जहां भाजपा ने पहली बार सरकार बना ली है तो वही दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। टीएमसी के नेता फ़िलहाल निषेण पर हैं और उनपर कई बड़े आरोप लग रहे हैं। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू के एक स्टेटमेंट ने टीएमसी की महिला नेत्री और सांसद महुआ मोइत्रा को नाराज कर दिया है। हालांकि हंगामे से पहले ही पूर्व जज ने अपना सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिया है।

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क्या कहा था मार्कण्डेय काटजू ने?

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई भी आश्चर्य नहीं होगा अगर महुई मोइत्रा, सायोनी घोष और सागरिका टीएमसी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी को यह ऐलान कर देना चाहिए कि उन्होंने चुनाव जीत लिया है। हालांकि उन्होंने कुछ ही समय बाद अपना पोस्ट डिलीट कर दिया था।

भड़की मोइन मित्रा, किया पलटवार

काटजू के इस दावे से मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए लिखा कि, महोदय काटजू जी, पूरे सम्मान के साथ मुझे आपको सही करना चाहिए। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) आपके जैसे कई अन्य लोगों के विपरीत, जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद की छुट्टियों के लिए गुप्त संघी बनने की आवश्यकता होती है, मैंने अपनी युवावस्था और करियर का बलिदान दिया क्योंकि मुझे अपने उद्देश्य पर विश्वास है। कृपया संवेदनशील समय में निराधार दावे न करें।

रिजु दत्ता पार्टी से सस्पेंड

वही इस मामले से अलग तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता रिजु दत्ता को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने उन पर अनुशासन तोड़ने और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाया है। वही सस्पेंशन के बाद रिजू दत्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें “सच बोलने” की सजा मिली है। दत्ता ने लिखा कि उन्होंने 13 साल तक पार्टी के लिए मेहनत की और अपनी काबिलियत के दम पर आगे बढ़े, लेकिन अब उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।

जवाब देने से पहले ही निष्कासन का आरोप

रिजू दत्ता ने पार्टी के नोटिस पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि नोटिस में लिखा गया कि उन्होंने अनुशासन समिति के सामने पेश होकर जवाब नहीं दिया, जबकि उन्होंने तय समय के अंदर 9 मई को सुबह 11:27 बजे पार्टी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ में अपना जवाब जमा कर दिया था। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) उन्होंने पोस्ट में लिखा, “शायद मेरा जवाब पढ़ने से पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया गया था। लेकिन मैं वापस लौटूंगा।”

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रिजू दत्ता को 8 मई 2026 को शो-कॉज नोटिस भेजा गया था। इसमें उनसे पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ दिए गए बयानों पर जवाब मांगा गया था। पार्टी के मुताबिक, दत्ता ने व्हाट्सऐप पर समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें 8 मई को दोपहर 3 बजे अनुशासन समिति के सामने बुलाया गया। समिति के सदस्य शाम 5 बजे तक इंतजार करते रहे, लेकिन वह पेश नहीं हुए।

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वायरल वीडियो को लेकर आये थे चर्चा में दत्ता

AITC ने कहा कि दत्ता के बयान पार्टी की एकता, छवि और अनुशासन के खिलाफ हैं। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए पार्टी की सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि हाल ही में रिजू दत्ता एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आए थे। (Mahua Moitra Replied to Markandey Katju) इस वीडियो में उन्होंने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को लेकर कथित तौर पर विवादित बयान दिए थे।

अनुशासनात्मक समिति ने जारी किया था नोटिस

बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत शुरू हो गयी है। सत्ता हाथ से जाने के बाद अब पार्टी के भीतर ‘अपनों’ ने ही शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अनुशासन बनाये रखने की कोशिश में टीएमसी की अनुशासनात्मक समिति ने कल यानी शुक्रवार को पार्टी के 5 बड़े प्रवक्ताओं को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया था। इन नेताओं पर आरोप थे कि इन्होंने सार्वजनिक मंचों पर पार्टी विरोधी टिप्पणी की और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाये।

5 फायरब्रांड नेता पर कार्रवाई की तैयारी

पार्टी ने अपने 5 फायरब्रांड नेता को नोटिस जारी किया गया था। निम्नलिखित लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

  • रिजु दत्ता : अपनी आक्रामक बयानबाजी के लिए मशहूर रिजु दत्ता ने सोशल मीडिया पर चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए भाजपा के कदमों की तारीफ की थी, जो पार्टी को नागवार गुजरी। हालाँकि इन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया है।
  • कोहिनूर मजूमदार : इन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था कि नेताओं को उनसे मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
  • कृष्णेंदु नारायण चौधरी : मालदा के इस कद्दावर नेता ने भी अभिषेक बनर्जी के कामकाज के तरीके की तीखी आलोचना की है।
  • पापिया घोष : इन्होंने चुनावी हार के लिए शीर्ष नेतृत्व की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया था।
  • कार्तिक घोष : इन्होंने भी चुनावी हार के लिए टॉप लीडरशिप की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया था।

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प्रश्न: पल्लवी पटेल पर FIR क्यों दर्ज हुई?

उत्तर: रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर समर्थकों संग प्रदर्शन और हंगामे के आरोप में FIR दर्ज हुई।

प्रश्न: पल्लवी पटेल किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं?

उत्तर: वह यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 तत्काल लागू करने की मांग कर रही थीं।

प्रश्न: पल्लवी पटेल पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?

उत्तर: उनपर रेलवे एक्ट की धारा 147, 145 और 156 के तहत मामला दर्ज हुआ।