विपक्ष के नेता का दर्जा मिलने और कार्यालय आवंटन में देरी को लेकर तृणमूल विधायकों ने धरना दिया

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विपक्ष के नेता का दर्जा मिलने और कार्यालय आवंटन में देरी को लेकर तृणमूल विधायकों ने धरना दिया

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 12:27 AM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 12:27 AM IST

कोलकाता, 27 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के मद्देनजर एक नाटकीय उलटफेर में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष के बाहर धरना दिया और प्रमुख विपक्षी दल को उचित मान्यता और संस्थागत स्थान से वंचित करने का सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया।

तृणमूल विधायक दल के नेता शोवनदेब चट्टोपाध्याय और विधायक कुणाल घोष के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन विधानसभा परिसर के अंदर हुआ। दोनों ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष की मान्यता और विपक्षी खेमे को कार्यालय स्थान के आवंटन से संबंधित मुद्दों पर अध्यक्ष रथिंद्रनाथ बोस से मिलने से उन्हें वंचित कर दिया गया।

सदन के सबसे वरिष्ठ विधायक चट्टोपाध्याय और पहली बार विधायक बने घोष मिलने का समय नहीं दिए जाने पर कथित तौर पर विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष के बाहर फर्श पर बैठ गए।

पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने सवाल उठाया कि नवगठित 18वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने के बावजूद विपक्ष को मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं अभी तक क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई हैं।

घोष ने कहा, ‘यह कैसे हो सकता है? वह विपक्ष के नेता हैं, नौ बार विधायक रह चुके हैं। उन्हें कमरा नहीं दिया गया है, उनके पत्रों पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है, और यहां तक ​​कि हमारी विधायक दल की बैठकें भी ठीक से नहीं हो पा रही हैं।’

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश