बेंगलुरु, 21 जुलाई (भाषा) हाल में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच में यह खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी ने पिछले छह महीनों से हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के लिए एक एआई (कृत्रिम मेधा) चैटबॉट की मदद ली थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने संबंधित एआई कंपनी को पत्र लिखकर आरोपी के चैट इतिहास का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह सनसनीखेज मामला इस साल 22 जून को के.आर. पुरम थाना क्षेत्र के सीगेहल्ली स्थित एक अपार्टमेंट में सामने आया था, जहां सोमसुंदर (52), उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी (48) और उनकी छोटी बेटी सुप्रिया (19) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद मृतक दंपति की बड़ी बेटी श्वेता (24) और उसके सहजीवन साथी केनेथ (25) को पुडुचेरी से अलग-अलग गिरफ्तार किया गया, जहां वे वारदात के बाद भागकर छिपे हुए थे।
जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड की वजह वित्तीय विवाद और पारिवारिक तनाव सामने आया है। श्वेता अपनी मां के अत्यधिक नियंत्रण वाले व्यवहार से नाराज थी। पुलिस के मुताबिक, उसने केनेथ के ‘क्लाउड किचन’ कारोबार के लिए अपनी मां से 50 लाख रुपये उधार लिए थे। यह पैसा खर्च हो चुका था और उसे रकम चुकाने का डर सता रहा था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हालांकि श्वेता और केनेथ ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया, लेकिन हत्या की पूरी योजना और उसे अंजाम तक पहुंचाने का काम मुख्य रूप से केनेथ ने ही किया।
उसने हर स्तर पर एआई चैटबॉट से सलाह ली जिसमें हत्या करने के तरीके, शवों को ठिकाने लगाने, खून के धब्बे हटाने और यहां तक कि अपने क्लाउड किचन के लिए बनाए गए भट्ठी में शवों को जलाने की संभावनाओं तक की जानकारी मांगी गई थी।
भाषा सुमित मनीषा
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