नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट दिया जाना ‘‘सत्य की जीत’’ है, लेकिन यह दुखद है कि सिंह यह दिन देखने के लिए इस दुनिया में नहीं हैं।
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी आपराधिक मामला बंद कर दिया और उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाला आदेश रद्द कर दिया।
कुमार ने एक बयान में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मामले में आया यह फैसला सच्चाई की जीत है।
उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय का आदेश प्राकृतिक न्याय की पुष्टि करता है, लेकिन यह मामला देश की आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रक्रियाओं को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़ा करता है।’’
पूर्व कानून मंत्री का कहना है कि बेदाग ईमानदारी के लिए पहचाने जाने वाले मनमोहन सिंह को अपने जीवनकाल में जिस तरह के ‘मीडिया ट्रायल’ का सामना करना पड़ा, उससे उनकी प्रतिष्ठा और गरिमा को अपूरणीय क्षति पहुंची।
उन्होंने कहा कि अभियोजन की प्रक्रिया ही अपने आप में एक सजा बन गई थी, जिसकी कठोरता अब उच्चतम न्यायालय द्वारा उन्हें दोषमुक्त किए जाने के बाद स्पष्ट हो गई है।
कुमार ने कहा, ‘‘यह व्यवस्था पर एक दुखद टिप्पणी है कि डॉ. मनमोहन सिंह अपने नाम से आरोप हटने का दिन देखने के लिए जीवित नहीं रहे। किसी व्यक्ति को दोष सिद्ध होने से पहले ही दोषी मान लिया जाता है और उसके पास अन्यायपूर्ण आरोपों के खिलाफ प्रभावी राहत का कोई सार्थक उपाय नहीं होता।’’
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