बैंक प्रबंधक की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए दो व्यक्ति बरी

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बैंक प्रबंधक की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए दो व्यक्ति बरी

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 06:47 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 06:47 PM IST

अगरतला, 26 मई (भाषा) त्रिपुरा उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को उन दो व्यक्तियों को बरी कर दिया जिन्हें अधीनस्थ अदालत ने वर्ष 2019 में एक बैंक प्रबंधक की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

उत्तरी त्रिपुरा में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक बोधिसत्व दास की तीन अगस्त, 2019 को सड़क किनारे शराब पी रहे चार व्यक्तियों के साथ बैंक अधिकारी के झगड़े के बाद चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।

पश्चिम त्रिपुरा के जिला एवं सत्र न्यायालय ने चारों व्यक्तियों – सुमित चौधरी, सुमित बनिक, सुकांत बिस्वास और उमर शरीफ को दोषी पाया और उन्हें 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए सुमित चौधरी और सुमित बनिक ने आजीवन कारावास की सजा को रद्द करने के लिए त्रिपुरा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रता सरकार ने फैसले के बाद पत्रकारों को बताया, ‘‘न्यायमूर्ति टी अमरनाथ गौड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को दोनों याचिकाकर्ताओं को हत्या के आरोप से बरी कर दिया, क्योंकि अपराध के लिए सामान्य इरादे का प्रावधान इस विशेष घटना पर लागू नहीं होता है।’’

उच्च न्यायालय ने इससे पहले उमर शरीफ की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी, जबकि सुकांत ने अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अभी तक उच्च न्यायालय में अपील नहीं की है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश