आश्रय गृहों में दो समय का भोजन पर्याप्त: आप सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा

Ads

आश्रय गृहों में दो समय का भोजन पर्याप्त: आप सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा

  •  
  • Publish Date - September 2, 2020 / 01:12 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:27 PM IST

नयी दिल्ली,दो सितंबर (भाषा) दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि आश्रय गृहों में एक दिन में दो समय का भोजन देना पर्याप्त है और वर्तमान आर्थिक हालात में वह इससे अधिक कुछ नहीं कर सकती।

आप सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया कि आश्रय गृहों में दिन में तीन बार भोजन देने की केन्द्र की योजना 31जुलाई को समाप्त हो गई और कोष को देखते हुए साथ ही अन्य प्राथमिकताओं को देखते हुए वह दिन में दो बार भोजन मुहैया करा रही है और आगे भी इसे जारी रखेगी।

दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ को बताया कि आश्रय गृहों में रह रहे बेघर लोग,रोजगार पा सकते हैं और अपनी आजीविका चला सकते हैं बशर्ते वे ऐसा करने में सक्षम हैं तो।

आप सरकार ने यह बयान एक जनहित याचिका के जवाब में दिया, जिसमें दावा किया गया था कि शहर के आश्रय गृह उनमें रहने वालों को दिन में तीन बार गुणवत्तापरक भोजन देने से इनकार रहे हैं।

अदालत ने 27 अगस्त के अपने आदेश में कहा,‘‘ जो लोग भोजन की व्यवस्था नहीं कर सकते उनके लिए पर्याप्त भोजन के प्रावधान संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश को देखे हुए हम यह निर्देश देते हैं कि एनसीटी की दिल्ली सरकार विशेषज्ञों की सहायता से जांच करे कि क्या वर्तमान के प्रावधान बेघर आश्रयों गृह में व्यक्तियों की न्यूनतम पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं…..।’’

पीठ ने दिल्ली सरकार को आश्रय गृहों में रहने वाले बेघर व्यक्तियों को तब एक दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराने की सिफारिश की जब उसकी आर्थिक स्थिति ऐसा करने की अनुमति दे।

पीठ ने दिल्ली सरकार को वर्तमान में महामारी के वक्त आश्रय गृहों में रहने वाले बच्चों को प्रति दिन कम से कम तीन भोजन उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की।

इन सिफारिशों के साथ ही न्यायालय ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।

याचिका सराय काले खां के एक आश्रय गृह में रहने वाली एक महिला ने दाखिल की थी और कहा था कि केंद्र सरकार ने 28 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आश्रय गृहों में एक दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

महिला ने याचिका में दावा किया कि आश्रय गृहों में इस आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

भाषा

शोभना माधव

माधव