दीपके के घर के बाहर दो युवकों ने प्रदर्शन किया

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दीपके के घर के बाहर दो युवकों ने प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 03:29 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 03:29 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, छह अगस्त (भाषा) दिल्ली में पिछले महीने हुए छात्र आंदोलन का हिस्सा होने का दावा करने वाले दो युवकों ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अभिजीत दीपके के घर के बाहर प्रदर्शन किया। युवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की कोर टीम से मिलने नहीं दिया गया।

युवकों ने कहा कि युवाओं के नेतृत्व वाली कॉजपा को लोकतांत्रिक तरीके से काम करना चाहिए और आंदोलन में शामिल लोगों को अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए था।

उनमें से एक युवक दीपके के आवास के बाहर ‘अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल’ पर बैठ गया और कहा, ‘‘हमें एक और केजरीवाल नहीं चाहिए।’’ उनका इशारा स्पष्ट रूप से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख की ओर था जो कार्यकर्ता अन्ना हजारे के नेतृत्व में 2011 में हुए ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए थे।

कॉजपा की कोर टीम बुधवार को दीपके के आवास पर बैठक कर रही है।

पिछले महीने नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में हुई अन्य अनियमतिताओं को लेकर कॉजपा की अगुवाई में हुए प्रदर्शनों के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा।

दीपके के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे युवकों ने अपनी पहचान अहमदाबाद के रहने वाले मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पांड्या के तौर पर बताई। वे वालुज एमआईडीसी इलाके में कॉजपा के संस्थापक दीपके के घर पहुंचे और अपराह्न करीब एक बजे घर के बाहर सड़क पर बैठ गए।

ब्रह्मभट्ट ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब कॉजपा का आंदोलन शुरू हुआ तो उसका कोई खास चेहरा नहीं था। मैंने और कई अन्य स्वयंसेवकों ने जंतर-मंतर (नयी दिल्ली) पर हुए आंदोलन में योगदान दिया। मैं यहां आया और कॉजपा की टीम से मिलने की कोशिश की। लेकिन यहां मुझसे कोई नहीं मिला। मुझे बैठक में भी नहीं बुलाया गया।’’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘उनके कुछ रिश्तेदार और मित्र बैठकर आंदोलन की आगे की रणनीति तय नहीं कर सकते, जबकि यह आंदोलन पूरे देश का है।’’

उन्होंने कहा कि संगठन में लोकतंत्र होना चाहिए और आंदोलन से जुड़े लोगों को अपने सुझाव देने के लिए बुलाया जाना चाहिए था।

ब्रह्मभट्ट ने कहा, ‘‘हमें एक और केजरीवाल नहीं चाहिए। मैं अब यहीं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहा हूं।’’

भाषा सुरभि नरेश

नरेश