यूडीआईएसई रिपोर्ट: स्कूली शिक्षा के प्रमुख मानकों पर तमिलनाडु राष्ट्रीय औसत से आगे

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यूडीआईएसई रिपोर्ट: स्कूली शिक्षा के प्रमुख मानकों पर तमिलनाडु राष्ट्रीय औसत से आगे

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 05:10 PM IST

चेन्नई, नौ जुलाई (भाषा) यूडीआईएसई ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि लगभग हर प्रमुख संकेतक—छात्रों की भागीदारी, शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक प्रगति—के मामले में तमिलनाडु का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है।

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को यहां जारी एक बयान में शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अब ऐसा स्कूल शिक्षा तंत्र मौजूद है, जिसने शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित की है और छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए कई उच्च-गुणवत्ता वाले विकल्प उपलब्ध करा रहा है।

सबसे उल्लेखनीय निष्कर्षों में से एक यह है कि तमिलनाडु देश के कुल स्कूली बच्चों में से पांच प्रतिशत को शिक्षा प्रदान करता है, जबकि देश के कुल स्कूलों में उसकी हिस्सेदारी केवल 3.9 प्रतिशत है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसका मतलब है कि तमिलनाडु के स्कूल आकार में बड़े हैं और उनका बेहतर ढंग से उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि ये स्कूल शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा तक पहुंच से समझौता किए बिना अधिक छात्रों को शिक्षा देने में सक्षम हैं।

वर्तमान में तमिलनाडु में 57,566 स्कूल, 1,24,02,872 छात्र-छात्राएं और 5,69,909 शिक्षक हैं। राज्य में प्रति शिक्षक औसतन 22 छात्र हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 छात्रों का है।

रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के प्रत्येक स्कूल में औसतन 215 छात्र और 10 शिक्षक हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति स्कूल औसतन 169 छात्र हैं। इससे पता चलता है कि राज्य में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा रहा है।

तमिलनाडु की सबसे बड़ी सफलता इस बात से जाहिर होती है कि यहां के बच्चे देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में कहीं अधिक समय तक अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु में सकल नामांकन अनुपात प्राथमिक स्तर पर 92 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक स्तर पर 95 प्रतिशत, माध्यमिक स्तर पर 97 प्रतिशत और उच्च माध्यमिक स्तर पर 85 प्रतिशत है। जबकि राष्ट्रीय औसत क्रमशः 89 प्रतिशत, 90 प्रतिशत, 82 प्रतिशत और 62 प्रतिशत है।

तमिलनाडु में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने की दर शून्य दर्ज की गई है। वहीं, माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने की दर केवल 6.2 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 9.5 प्रतिशत से काफी कम है।

रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा कि तमिलनाडु में उच्च माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 85 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बुनियादी सुविधाओं के मामले में भी तमिलनाडु का प्रदर्शन अच्छा है।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश