बेंगलुरु, 25 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां बीईएमएल इकाई का दौरा किया और इसके कामकाज की समीक्षा की।
वैष्णव के पास रेलवे के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना व प्रसारण मंत्रालय का भी प्रभार है।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) बेंगलुरु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि वैष्णव ने बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भी चर्चा की।
मंत्री ने निर्माणाधीन रेलवे डिब्बों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से कार्य की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने बीईएमएल तिप्पसंद्रा परिसर में ‘आदित्य’ नामक एक विशेष परिसर का उद्घाटन किया, जो हाई-स्पीड रेल के निर्माण के लिए समर्पित है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक दौरे के दौरान मंत्री ने रेखांकित किया कि हाई-स्पीड रेल प्रौद्योगिकी अविश्वसनीय रूप से जटिल है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में इसका विकास स्वदेशी अभियांत्रिकी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
रेलमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए आदित्य परिसर को वर्तमान में ‘बी-28 कोच’ के विकास के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने हाई-स्पीड रेल की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन रेलगाड़ियों के परिचालन में आने से प्रमुख शहर एक दूसरे के विस्तार के रूप में दिखाई देने लगेंगे।
वैष्णव ने चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा के समय का उदाहरण दिया, जिसके घटकर मात्र 73 मिनट होने की उम्मीद है, जिससे प्रभावी रूप से दोनों शहर एक एकीकृत केंद्र का हिस्सा बन जाएंगे।
रेलमंत्री ने मुंबई और बेंगलुरु के लिए कहा कि दो नई सेवाओं की शुरुआत से संपर्क में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि हुबली के रास्ते एलएचबी कोच वाली एक नई मेल एक्सप्रेस की शुरुआत की जाएगी और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन भी जल्द ही शुरू होने वाला है।
उन्होंने क्षेत्रीय संपर्क के बारे में कहा कि मंगलुरु और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा बहुत जल्द शुरू की जाएगी।
भाषा धीरज प्रशांत
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