अन्नाद्रमुक में सुलह के बाद वेलुमणि अपने निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे, षणमुगम का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं

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अन्नाद्रमुक में सुलह के बाद वेलुमणि अपने निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे, षणमुगम का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 11:37 AM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 11:37 AM IST

चेन्नई, 29 मई (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी का नेतृत्व स्वीकार करने और मिलकर काम करने का ऐलान करने के बाद पार्टी नेता एस. पी. वेलुमणि ने अपने विधानसभा क्षेत्र थोंडामुथुर का दौरा किया और वहां की जनता का उन्हें चुनने के लिए आभार जताया। हालांकि, वहीं एक अन्य बागी नेता सी. वे. षणमुगम ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है।

षणमुगम 27 मई को सुलह बैठक के लिए वेलुमणि और अन्य बागी विधायकों के साथ पलानीस्वामी से मिलने नहीं गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अपने विधानसभा क्षेत्र मैलम की जनता से मिलना और उन्हें विधायक चुनने के लिए धन्यवाद देना है।

अपने क्षेत्र के लिए रवाना होने से पहले षणमुगम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैलम के लोगों का शुक्रिया अदा करना मेरा पहला काम है।’’

ऐसी भी खबरें हैं कि वह और पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयाभास्कर इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो सकते हैं।

विजयाभास्कर उन बागी विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने पूर्व मंत्रियों षणमुगम और वेलुमणि की अगुवाई में 13 मई को विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया था।

बुधवार को बागी विधायक यहां पलानीस्वामी के आवास पर उनसे मिले और सुलह कर ली। षणमुगम को छोड़कर बाकी सभी बागी विधायकों ने पलानीस्वामी के नेतृत्व में काम करने पर सहमति जताई।

विजयाभास्कर ने 28 मई को सबको चौंकाते हुए अपने समर्थकों के साथ एक विचार-विमर्श बैठक की। बाद में उन्होंने ऐलान किया कि उनका अगला राजनीतिक कदम उनके समर्थकों और विरालिमलई विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की इच्छा के अनुसार होगा।

वेलुमणि ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘थोंडामुथुर विधायक के रूप में पदभार संभालने के बाद मैंने अविनाशी रोड पर क्रांतिकारी नेताओं अम्मा (दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता), एमजीआर (एम. जी. रामचंद्रन) और अन्ना (पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई) की प्रतिमाओं पर माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। थोंडामुथुर क्षेत्र और कोयंबटूर जिले की उस जनता का मैं दिल से आभारी हूं जो हमेशा मुझे अपने बच्चे की तरह मानती है और जो मेरी जान से भी बढ़कर है। मैं वादा करता हूं कि उनकी सेवा हमेशा करता रहूंगा।’’

भाषा खारी मनीषा

मनीषा