नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पड़ोस में रहने वाले अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के लोगों पर नस्लीय टिप्पणी करने के आरोपी पति पत्नी की जमानत याचिका पर अपना फैसला सोमवार को सुरक्षित रख लिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समर विशाल ने सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मंगलवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया।
पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पूर्वोत्तर राज्यों की तीन महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी करने के आरोप में 25 फरवरी को आरोपी हर्षप्रिय सिंह और रूबी जैन को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के वकील गौरव ने कहा कि यह मामला दो पड़ोसियों के बीच एक आकस्मिक विवाद मात्र था, जिसमें दोनों पक्षों ने आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल की।
उन्होंने कहा कि यह नस्लीय भेदभाव का मामला नहीं था जिसके तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत आरोप लगाए जा सकें, क्योंकि अभियुक्तों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि शिकायतकर्ता आदिवासी हैं।
उन्होंने कहा कि अभियुक्तों ने उनकी आदिवासी पहचान को निशाना बनाकर किसी विशेष भाषा का उपयोग नहीं किया।
शिकायतकर्ता की वकील लियी नोशी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है और अगर आरोपियों को रिहा किया जाता है तो वे अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
उन्होंने बताया कि घटना के प्रमुख प्रत्यक्षदर्शियों में से एक एयर कंडीशनर लगाने वाले इलेक्ट्रीशियन से अभी पूछताछ की जानी बाकी है।
भाषा जोहेब नेत्रपाल नरेश
नरेश