मिसाइल तकनीक में आत्म-निर्भरता के करीब ले जाने के लिये उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों की सराहना की

मिसाइल तकनीक में आत्म-निर्भरता के करीब ले जाने के लिये उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों की सराहना की

मिसाइल तकनीक में आत्म-निर्भरता के करीब ले जाने के लिये उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों की सराहना की
Modified Date: November 29, 2022 / 07:45 pm IST
Published Date: January 25, 2021 1:04 pm IST

हैदराबाद, 25 जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडु ने मिसाइल तकनीक के मामले में भारत को आत्म-निर्भरता के करीब ले जाने के लिये सोमवार को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्म-निर्भरता हासिल करना केवल सामरिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि राष्ट्रीय गौरव के लिहाज से भी जरूरी है।

नायडु ने यहां डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परिसरर में दो केन्द्रों का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर बहुत खुशी हुई कि डीआरडीओ के मिसाइल विभाग के वैज्ञानिक अपनी विरासत को बरकरार रखे हुए हैं और उन्होंने नयी पीढ़ी की मिसाइल प्रणाली विकसित की है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार नायडु ने ‘एक्सपोजीशन ऑफ टेक्नोलॉजी बाय मिसाइल कॉम्प्लेक्स लैबोरेटरी’ का भी दौरा किया और कहा कि स्वदेशी उत्पाद देखकर उन्हें अत्यधिक प्रसन्नता हुई।

नायडुन ने कहा, ”आत्म-निर्भर मिसाइल तकनीक हासिल करने में डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की जबरदस्त प्रगति को देखकर मैं देश की सुरक्षा और क्षमता को लेकर एक बार फिर आश्वस्त महसूस कर रहा हूं। ”

भाषा जोहेब माधव

माधव


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