भारत में नहीं है Hydroxychloroquine की कमी, Zydus Cadila ने पिछले महीने किया 20 लाख टैबलेट का उत्पादन

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भारत में नहीं है Hydroxychloroquine की कमी, Zydus Cadila ने पिछले महीने किया 20 लाख टैबलेट का उत्पादन

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  • Publish Date - April 11, 2020 / 09:22 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:01 PM IST

अहमदाबाद: कोरोना संकट के दौरान दुनिया के कई देशों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग बढ़ गई है। दरअसल, मलेरिया के इलाज में काम आने वाली इन दवाओं को कुछ हद तक कोरोना पर भी कारगर बताया जा रहा है। इस संकट के समय में भारत, अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई कर रहा है। इसी बीच दवा बनाने वाली कंपनी जाइड्स कैडिला के सीईओ पंकज पटेल ने बड़ी बात कही है। पंकज पटेल ने कहा है कि भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की कमी नहीं है। हमारे पास अभी इतना स्टॉक है कि न केवल घरेलू बाजार के लिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर हम दुनिया को आपूर्ति करने में सक्षम होंगे। बता दें कि विदेशों में दवा की सप्लाई किए जाने के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की कमी हो सकती है, लेकिन पंकज पटेल ने सभी कयासों को विराम दे दिया है।

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पकज पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, न केवल घरेलू बाजार के लिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर हम दुनिया को आपूर्ति करने में सक्षम होंगे। मेरी कंपनी अगले महीने 15 करोड़ टैबलेट के बराबर 30 टन सक्रिय फार्मास्यूटिकल संघटक (एपीआई) का उत्पादन करेगी। फार्मास्युटिकल उद्योग ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन में काफी वृद्धि की है। इस महीने उद्योग द्वारा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 20 करोड़ टैबलेट का उत्पादन किया गया है।

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इससे पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार केा बताया था कि देश में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की कोई कमी नहीं है। फिलहाल देश को एक करोड़ टेबलेट की जरूरत है और हमारे पास 3.28 करोड़ टेबलेट मौजूद हैं। देश में इस दवा का पर्याप्त भंडार है।

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ज्ञात हो कि यह दवा मुख्य रूप से मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होती है। आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) की एडवाइजरी के मुताबिक, ये दवा उन चिकित्साकर्मियों को दी जा सकती है, जो संदिग्ध या संक्रमित कोरोना मरीजों की सेवा में लगे हैं। इसके अलावा प्रयोगशालाओं में संक्रमित मरीजों के घरवालों को भी यह दवा देने की सलाह दी गई है।

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