हमें आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा: प्रधानमंत्री मोदी

हमें आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा: प्रधानमंत्री मोदी

हमें आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा: प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: July 17, 2026 / 06:34 pm IST
Published Date: July 17, 2026 6:34 pm IST

चंडीगढ़, 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ की यात्रा के साथ-साथ एक आधुनिक सोच भी होनी चाहिए, जो भविष्य की तकनीकों और स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित हो।

मोदी ने कहा, ‘‘हमें ऐसे फैसले लेने चाहिए, जो न केवल वर्तमान पीढ़ी को लाभ पहुंचाएं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित हों। हमें ऐसे संस्थान बनाने चाहिए जो समय के साथ और मजबूत होते जाएं। भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।’

मोदी चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

मोदी हरियाणा के जींद दौरे के बाद पीईसी पहुंचे। वहां उन्होंने जींद और सोनीपत के बीच हाइड्रोजन से चलने वाली भारत की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

पीईसी के कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया तथा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर मोदी ने सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू की भी प्रशंसा की, जिन्हें हाल में कई वर्षों तक स्वेच्छा से चलाए गए स्वच्छता अभियान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है।

मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने स्वच्छता योद्धा के रूप में पहचान बनाई है। अपने प्रयासों से उन्होंने चंडीगढ़ के लोगों को एक अलग तरीके से स्वच्छता के लिए प्रेरित किया है।’’

हाइड्रोजन से चलने वाली भारत की पहली ट्रेन की शुरुआत को ‘एक बड़ी शुरुआत’ बताते हुए मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा के लिए ‘‘हमें भविष्य के अनुरूप प्रौद्योगिकी, भविष्य के अनुरूप परिवहन और भविष्य के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।’’

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए बुनियादी ढांचे का विकास एक रास्ता तय करता है और पहली बार देश में बुनियादी ढांचे का विकास एक व्यापक सोच के साथ किया जा रहा है।

मोदी ने चंडीगढ़ और हरियाणा के जींद में शुरू की गई कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये विकास परियोजनाएं उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देंगी और लोगों का जीवन आसान बनाएंगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि अब देश में नए एम्स संस्थान हैं और देशभर में सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष अस्पतालों की संख्या भी बढ़ी है। यहां चंडीगढ़ में भी मुझे होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन करने का अवसर मिला था। आज इस अस्पताल में हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है।’

मोदी ने कहा कि गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को हर स्तर पर मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन शुरू किया गया।

उन्होंने कहा, ‘इस मिशन के तहत देशभर में गहन देखभाल ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों का नेटवर्क तैयार किया गया।’

उन्होंने कहा कि आज देशभर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर आदिवासी इलाकों तक करीब 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं।

मोदी ने कहा, ‘ये केंद्र केवल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं देते, बल्कि अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाओं के पैकेज भी उपलब्ध कराते हैं।’

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान बना रही है और ई-संजीवनी मिशन के तहत देशभर में 48 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श दिए जा चुके हैं।

मोदी ने कहा कि अब दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी बड़े अस्पतालों के चिकित्सकों से सलाह ले पा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि देश में अब 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रसव स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों की देखरेख में हो रहे हैं।

मोदी ने कहा कि मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की कमी आई है और शिशु मृत्यु दर भी काफी कम हुई है।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त अभियान का भी जिक्र किया और कहा कि यह लोगों की सक्रिय भागीदारी से जारी है और देश में टीबी 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों का इलाज हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पिछले एक दशक में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत की कमी आई है।

मोदी ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाएं अब केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘आज स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच देश के हर सामान्य नागरिक का अधिकार बन गई है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले चिकित्सक बनने का सपना पूरा करना बहुत मुश्किल होता था।

मोदी ने कहा, ‘युवाओं के पास पर्याप्त अवसर नहीं थे, क्योंकि मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल सीटों की संख्या बहुत सीमित थी। हमने इस स्थिति को बदला है।’

उन्होंने कहा कि आज देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है और एमबीबीएस तथा स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, ‘पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में भी अब एक एमबीबीएस कॉलेज को मंजूरी मिल गई है और जल्द ही दाखिले शुरू होंगे। इससे देशभर के कई प्रतिभाशाली युवाओं को भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और देश को अधिक संख्या में योग्य डॉक्टर मिलेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘हमें भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सबसे आगे ले जाना होगा।’

मोदी ने यह भी कहा कि जब उनकी सरकार बनी तो उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और देश में करोड़ों शौचालय बनाए गए।

उन्होंने कहा कि देश को खुले में शौच से मुक्त बनाया गया, सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता के लिए अभियान चलाए गए और कई योजनाएं शुरू की गईं ताकि ‘स्वच्छता’ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाए।

मोदी ने कहा कि एक समय था जब पूरी दुनिया भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर चिंता जताती थी और लोग सोचते थे कि अगर भारत में कोई महामारी फैल गई तो क्या होगा।

उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान भारत पर था। हालांकि, हमारी सरकार ने भारत की क्षमता और दुनिया की नजर में देश की छवि, दोनों को बदल दिया।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोविड-19 महामारी आई, तब भारत मदद मांगने वाला देश नहीं था, बल्कि भारत दुनिया की मदद कर रहा था।

उन्होंने कहा कि आज कई देशों से लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भारत आते हैं और भारत मेडिकल पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

मोदी ने चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में आधुनिक मातृ एवं शिशु केंद्र और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया।

उन्होंने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत 150 बिस्तरों वाले आधुनिक गहन देखभाल ब्लॉक का भी शिलान्यास किया।

मोदी ने चंडीगढ़ में शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जिनमें पीईसी में कुरुक्षेत्र बॉयज हॉस्टल और मेस, सेक्टर-46 स्थित सरकारी कॉलेज में छात्रावास ब्लॉक का उद्घाटन और पीईसी में रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल का शिलान्यास शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।

भाषा जोहेब माधव

माधव


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