Who is Geniben Thakor
अहमदाबादः Who is Geniben Thakor पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के गृह राज्य यानी गुजरात में भाजपा के मंसूबों पर कांग्रेस के एक प्रत्याशी ने पानी फेर दिया। कांग्रेस की एक महिला प्रत्याशी भाजपा के गुजरात में क्लीन स्वीप करने से रोक दिया। हम बात कर रहे हैं बनासकांठा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गेनीबेन ठाकोर की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रेखा चौधरी को 31,000 वोटों से हरा दिया। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात में तीसरी बार सूबे की सभी 26 सीटें जीतने के बीजेपी के लक्ष्य को पूरा होने से रोक दिया। हैरानी की बात यह भी है कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली थी। उन्होंने लोगों के बीच जाकर चुनाव लड़ने के पैसे जुटाएं थे। अब देश भर में उनकी चर्चा हो रही है।
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1 जनवरी, 1975 को जन्मी गेनीबेन ठाकोर ने जैन विश्व भारती संस्थान लाडनूं (राजस्थान) से दूरस्थ शिक्षा में पढ़ाई करते हुए बीए की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में अपना पहला चुनाव वाव क्षेत्र से लड़ा था, हालांकि उस वक्त वे सफल नहीं हो सकी थीं। इसके बाद ठाकोर ने एकबार फिर 2017 में वाव सीट से विधानसभा से चुनाव लड़ा और भाजपा के दिग्गज व बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर चौधरी को हराते हुए ‘जाइंट किलर’ का उपनाम हासिल किया। उनकी जीत का इतना असर रहा कि 2022 में हुए अगले विधानसभा चुनाव में गेनीबेन का सामना करने से बचने के लिए शंकर चौधरी ने अपनी सीट बदलकर थाराड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा।
4 जून को भी मतगणना के दौरान जब वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं सहित अधिकांश कांग्रेसी उम्मीदवार दोपहर 1 बजे के आसपास हार चुके थे, तब अकेली गेनीबेन ठाकोर अपनी भाजपाई प्रतिद्वंद्वी रेखाबेन चौधरी को लगातार कड़ी टक्कर दे रहीं थीं। इस दौरान वे दिनभर 1500 से 3000 वोटों से लगातार आगे-पीछे होती रहीं, लेकिन जब उनके विधानसभा क्षेत्र वाव और थाराड के वोटों की गिनती हुई, तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने तेजी से बढ़त बनाई और आखिरकार लगभग 31,000 वोटों के अंतर से निर्णायक जीत हासिल की।
Who is Geniben Thakor बनासकांठा में ठाकोर के प्रभावशाली प्रदर्शन ने सत्तारूढ़ पार्टी को 2014 और 2019 के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन की हैट्रिक लगाने से रोक दिया है। इन दोनों चुनावों में भाजपा ने प्रदेश की सभी 26 सीटों को जीता था। राजनीतिक विशेषज्ञ ठाकोर के इस बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय उनके मजबूत जमीनी जुड़ाव और प्रभावशाली ठाकोर समुदाय से मिले समर्थन को दे रहे हैं, जिसकी बनासकांठा में अच्छी खासी मौजूदगी है।
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अगले कुछ वर्षों में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद, राज्य विधानसभा में संख्या की कमी के कारण कांग्रेस गुजरात से किसी भी राज्यसभा सदस्य का चुनाव नहीं कर पाएगी। उसके बाद, गेनीबेन गुजरात से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र सांसद होंगी। बनासकांठा के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात बीजपी प्रमुख सीआर पाटिल ने कहा कि हमें अफसोस है कि हम बनासकांठा सीट नहीं जीत सके।