Anil Agrawal Net Worth: कौन हैं बेटे को खोने वाले उद्योगपति अनिल अग्रवाल और कितना है उनका नेटवर्थ?.. जानें उनकी पारिवारिक-कारोबारी पृष्ठभूमि के बारें में

Anil Agrawal Net Worth: फोर्ब्स के अनुसार, अगस्त 2025 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये (4.2 अरब डॉलर) होने का अनुमान है। (Anil Agrawal Net Worth) प्रमुख स्रोतों में वेदांता से प्राप्त लाभांश (2024 में 44,000 करोड़ रुपये), शेयर बिक्री, बॉन्ड जारी करना, रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश शामिल हैं।

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 03:12 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 03:17 PM IST

Anil Agrawal Net Worth || Image- Business Today file

HIGHLIGHTS
  • अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन
  • अमेरिका में स्कीइंग हादसे के बाद मौत
  • वेदांता परिवार गहरे शोक में

नई दिल्ली: मशहूर भारतीय उद्योगपति अनिल अग्रवाल को साल 2026 के शुरुआत में ही ऐसा दर्द मिला है, जो शायद उन्हें तमाम उम्र सालता रहेगा। अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (Anil Agrawal Net Worth) के निदेशक मंडल में शामिल थे। वह अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे और उपचार के बीच दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई।

बेटे के निधन की पुष्टि करते हुए अनिल अग्रवाल ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा- आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। अनिल अग्रवाल के दो बच्चों में दिवंगत पुत्र अग्निवेश के अलावा पुत्री प्रिया शामिल हैं। प्रिया वेदांता के निदेशक मंडल में हैं और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।

अनिल अग्रवाल ने बताया- अग्निवेश के साथ क्या हुआ था?

अनिल अग्रवाल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा- आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। उन्होंने आगे लिखा मेरा अग्निवेश, मेरा 49 साल का बेटा, आज हमारे बीच नहीं रहा। एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाये इससे बुरा और क्या हो सकता है। अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कींग करने गया था। वहां एक्सीडेंट हो गया। वो Mount Sinai Hospital, New York में ठीक हो रहा था. हमें लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन अचानक कार्डिस्ट अरेस्ट हो गया और हमारा बच्चा हमें छोड़कर चला गया।

उन्होंने आगे लिखा कि 3 जून 1976 को पटना में जब अग्नि हमारी दुनिया में आया, वो पल आज भी आंखों के सामने है। एक middle class Bihari परिवार में जन्मा था अग्नि। तुम्हारे साथ बिताया गया हर एक पल आज बहुत याद आ रहा है बेटा। (Anil Agrawal Net Worth) अपनी माँ का दुलारा अग्नि बचपन में बेहद चंचल और शरारती था। हमेशा हँसता, हमेशा मुस्कुराता| यारों का यार था वो, और अपनी बहन Priya को लेकर सबसे प्रोटेक्टिव भी।

उसने Mayo College, Ajmer में पढ़ाई की। बेहद strong personality थी अग्नि की – boxing champion, horse riding का शौकीन, और कमाल का musician। उसने Fujeirah Gold जैसी शानदार कंपनी खड़ी की, और Hindustan Zinc का Chairman भी बना। लेकिन इन सबसे ऊपर अग्नि बेहद simple था। हमेशा अपने friends और colleagues के बीच में ही रहता था। जिससे भी मिलता, उसे अपना बना लेता था। वो हमेशा ज़मीन से जुड़ा रहा सीधा, सच्चा, जिंदादिली और इंसानियत से भरा।

वो सिर्फ बेटा नहीं था- वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था, मेरी पूरी दुनिया था। मैं और किरन टूट से गए हैं। बस यही सोच रहे हैं कि हमारा बेटा तो चला गया। लेकिन जो लोग हमारे वेदांता में काम करते हैं, वो सब अग्निवेश ही तो हैं। वो सब हमारे बेटे-बेटियां हैं। अग्नि और मेरा सपना था, हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना। वो हमेशा कहता था – “पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें?”

हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई बच्चा अनपढ़ न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, और सभी युवाओं को रोज़गार मिले। मैंने अग्निवेश से वादा किया था हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगायेंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूँ। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा। और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा।

हम उन सभी मित्रों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का दिल से धन्यवाद करते हैं जो हमेशा अग्निवेश के साथ रहे। अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि। तुम्हें पूरी जिंदगी जीनी थी। कितने सपने थे, कितने अरमान थे, सब कुछ अधूरा ही रह गया। (Anil Agrawal Net Worth) समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब ज़िन्दगी कैसे कटेगी बेटा। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।

कौन है अनिल अग्रवाल? (Who is Anil Agarwal?)

बता दें कि, अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में बिहार के पटना में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक और नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। वेदांता एक अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन समूह है, जो तेल और गैस, जिंक, एल्युमिनियम, तांबा, लोहा-इस्पात और बिजली के क्षेत्र में काम करता है। अनिल अग्रवाल ने बहुत साधारण शुरुआत की थी और आज उन्होंने वेदांता को एक वैश्विक खनन और धातु कंपनी बना दिया है। उनका लक्ष्य भारत को प्राकृतिक संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ-साथ वे समाजसेवा पर भी विशेष ध्यान देते हैं, (Anil Agrawal Net Worth) जो अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से की जाती है। अनिल अग्रवाल की शादी किरण अग्रवाल से हुई है। किरण अग्रवाल सार्वजनिक जीवन से अपेक्षाकृत दूर रहती हैं, लेकिन वे उनके व्यक्तिगत और परोपकारी कार्यों में लगातार सहयोग देती रही हैं। उनके दो बच्चे थे, प्रिया अग्रवाल और अग्निवेश अग्रवाल। दुर्भाग्यवश, उनके बेटे अग्निवेश का जनवरी 2026 में 49 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया, जिससे परिवार शोक में डूब गया।

  • संस्थापक और चेयरमैन: अनिल अग्रवाल ने 1976 में वेदांता समूह की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे वेदांता लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और वेदांता रिसोर्सेज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।
  • व्यवसाय का विकास: उनके नेतृत्व में वेदांता एक भारतीय खनन कंपनी से बढ़कर एक वैश्विक कंपनी बन गई, जिसकी गतिविधियां कई प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी हैं।
  • दृष्टि: अनिल अग्रवाल का उद्देश्य भारत को प्राकृतिक संसाधनों में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए उन्होंने इस क्षेत्र में अरबों रुपये का निवेश किया है।
  • परोपकार (समाजसेवा): उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाजसेवा के लिए देने का संकल्प लिया है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, महिला और बाल विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया जाता है।
  • पृष्ठभूमि: उन्होंने 15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया था और स्क्रैप धातु के कारोबार से अपने करियर की शुरुआत की। आज वे एक छोटे व्यापारी से एक बड़े वैश्विक उद्योगपति बनने का प्रेरणादायक उदाहरण हैं।

अनिल अग्रवाल का करियर (Anil Agarwal’s career)

  • उन्होंने 1970 के दशक के मध्य में मुंबई में स्क्रैप धातु का व्यापार शुरू किया।
  • 1976 में शमशेर स्टर्लिंग कॉर्पोरेशन का अधिग्रहण किया।
  • जेली से भरे केबल बनाने के लिए 1986 में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की स्थापना की गई।
  • 1993 में स्टरलाइट के साथ भारत में निजी तांबा गलाने की शुरुआत की।
  • सरकार से बाल्को (2001) और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (2002) का अधिग्रहण किया।
  • लंदन में वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी की स्थापना की (2003)।
  • जाम्बिया, दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में अधिग्रहण के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया।
  • वेदांता ने 2011 में केयर्न इंडिया का अधिग्रहण किया, जिससे तेल और गैस क्षेत्र में वेदांता की उपस्थिति और मजबूत हुई।
  • गुजरात में फॉक्सकॉन के साथ सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले वेंचर्स की शुरुआत की (2022)

भारत में अनिल अग्रवाल निवेश (Anil Agarwal’s investments in India)

  • ओडिशा में एल्युमीनियम, फेरोक्रोम और खनन विस्तार के लिए 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
  • ओडिशा परियोजना के विस्तार के लिए अतिरिक्त 25,000 करोड़ रुपये।
  • गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्लांट के लिए फॉक्सकॉन के साथ 1.54 लाख करोड़ रुपये का सौदा हुआ है।
  • वेदांता औद्योगिक गतिविधियों के माध्यम से ओडिशा के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 4% का योगदान देता है।

अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति (Anil Agarwal’s net worth)

फोर्ब्स के अनुसार, अगस्त 2025 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये (4.2 अरब डॉलर) होने का अनुमान है। (Anil Agrawal Net Worth) प्रमुख स्रोतों में वेदांता से प्राप्त लाभांश (2024 में 44,000 करोड़ रुपये), शेयर बिक्री, बॉन्ड जारी करना, रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश शामिल हैं।

अनिल अग्रवाल को मिले पुरस्कार एवं सम्मान (Awards and honors received by Anil Agarwal)

  • 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित
  • वर्ष 2008 में ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर का पुरस्कार प्राप्त किया।
  • वर्ष 2012 में इकोनॉमिक टाइम्स के बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर का पुरस्कार प्राप्त किया।
  • 2009 में माइनिंग जर्नल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित
  • वर्ष 2022 में ग्लोबल इंडियन अवार्ड

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Q1. अग्निवेश अग्रवाल की मृत्यु कैसे हुई?

उत्तर: अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ।

Q2. अग्निवेश अग्रवाल वेदांता में किस पद पर थे?

उत्तर: वे तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के निदेशक मंडल के सदस्य थे।

Q3. अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन पर क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने इसे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया और भावुक फेसबुक पोस्ट साझा की।