आईआईटी में छात्रों की खुदकुशी के आंकड़े मोदी सरकार ने क्यों ‘छिपाये’ : कांग्रेस

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आईआईटी में छात्रों की खुदकुशी के आंकड़े मोदी सरकार ने क्यों 'छिपाये' : कांग्रेस

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 09:41 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 09:41 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में छात्रों की आत्महत्या से जुड़े आंकड़े क्यों ‘छिपाए गए’ और वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों के सामने मौजूद संकट से निपटने के लिए वह क्या कदम उठाने जा रही है।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आईआईटी-मुंबई में दलित छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या का भी हवाला दिया और कहा कि उनकी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आईआईटी में छात्रों की आत्महत्या से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए।

उन्होंने दावा किया कि देश के प्रमुख आईआईटी में आत्महत्या करने वाले आधे से अधिक छात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग पृष्ठभूमि से थे।

वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने आठ दिसंबर, 2025 को संसद में इस संबंध में सवाल पूछा था, लेकिन मंत्रालय ने कथित तौर पर अस्पष्ट जवाब दिया और विशिष्ट आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए।

कांग्रेस नेता के अनुसार, मंत्रालय के एक अवर सचिव ने एक दिसंबर को ही आईआईटी को इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन मंत्री ने आत्महत्या से संबंधित आंकड़ों को जवाब में शामिल नहीं किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम देश के लोगों से सच्चाई छिपाने और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में हाशिये के समुदायों के छात्रों के सामने मौजूद भेदभाव की स्थिति को छिपाने का प्रयास है।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हम मोदी सरकार से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि उसने ये आंकड़े क्यों छिपाए और देश के हाशिये के समुदायों से आने वाले छात्रों के सामने मौजूद इस संकट से निपटने के लिए वह क्या करने जा रही है।’’

भाषा हक

रवि कांत दिलीप

दिलीप