कोझिकोड, 16 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास ने रविवार को सवाल किया कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित हो रही हैं जबकि अन्य लोगों की पोस्ट हटा दी जाती हैं।
उन्होंने इस मामले की गंभीरता से जांच की मांग की। रियास यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उनसे ‘मेटा’ द्वारा तीन बच्चों का ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट कथित तौर पर हटाए जाने के बारे में पूछा गया था।
बच्चों का एक वीडियो वायरल होने के 24 घंटे के भीतर वह वीडियो वरिष्ठ वामपंथी नेताओं के ध्यान में आया था।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने भी उस रील के नीचे एक टिप्पणी की थी लेकिन बाद में पता चला कि अकाउंट हटा दिया गया है।
उन्होंने सवाल किया, “मेटा या उसका एल्गोरिदम मुख्यमंत्री की तारीफ करने वाले विभिन्न वीडियो को कैसे नहीं देखता?”
रियास ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “इस तरह की रील और उन्हें मिल रहा ध्यान शायद किसी को परेशान कर रहा है।”
माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि किसी पोस्ट या सोशल मीडिया अकाउंट को केवल सरकार या अदालत के निर्देश पर ही हटाया जा सकता है।
उन्होंने दावा किया, “यह तकनीकी समस्या नहीं थी। अदालत ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। इसलिए यह सरकार ही है। अपने हितों की रक्षा के लिए यह हस्तक्षेप किया गया।”
गोविंदन ने दावा किया कि पोस्ट हटाए जाने के खिलाफ विरोध होने पर कुछ मामलों में पोस्ट दोबारा बहाल कर दी गईं और ‘मेटा’ ने इसे तकनीकी समस्या बताया।
उन्होंने आरोप लगाया, “ऐसी कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर ही की गई होगी।”
सतीशन ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि उनकी पोस्ट भी हटाई गई हैं।
भाषा जितेंद्र नरेश
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