नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में पति द्वारा कथित रूप से धारदार हथियार से किए गए हमले के बाद 38 वर्षीय महिला वकील एम्स में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।
पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार (35) को रविवार को गिरफ्तार कर लिया था। यह घटना 22 अप्रैल को हुई जिसमें उसकी पत्नी मधु राजपूत को कई गहरे घाव, दोनों हाथों में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट आई थी।
मधु की बहन सौम्या ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘मेरी बहन अब थोड़ा बोल पा रही है, लेकिन वह अपने आप पर कुछ नहीं कर सकती। उसके पूरे शरीर पर चोटें हैं। उसके दोनों हाथों, पैर और यहां तक कि सिर की भी सर्जरी हुई है।”
परिजनों ने बताया कि यह हमला मधु की पहली शादी से हुई बड़ी बेटी के जन्मदिन पर हुआ, जो उस दिन 12 साल की हुई थी।
उसकी बहन ने बताया कि मधु की पहली शादी सालों पहले लड़की के जन्म को लेकर हुए विवाद के बाद टूट गई थी। इसके बाद मधु ने करीब छह साल पहले कुमार से प्रेम विवाह किया था।
सौम्या ने कहा, ‘उसकी बड़ी बेटी का जन्मदिन था। घर पर बहस हुई और वह (मनोज) गुस्से में अपने दफ्तर के लिए निकल गया। मेरी बहन यह पूछने के लिए वहां गई कि वह बच्ची के जन्मदिन पर घर छोड़कर क्यों चला गया।’
उन्होंने आरोप लगाया कि जब मधु दफ्तर पहुंची, तो कुमार ने उसे सोफे पर बैठाया, शटर और कांच का दरवाजा दोनों लॉक कर दिए और फिर तलवार जैसे हथियार से उस पर हमला कर दिया।
परिवार ने दावा किया कि कुमार ने फिर अपने रिश्तेदारों को फोन किया और उन्हें बताया कि उसने उसे मार दिया है।
परिवार ने बताया कि मधु का काफी खून बह गया था और उन्हें उसके इलाज के लिए घंटों संघर्ष करना पड़ा क्योंकि अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था।
पीड़िता की बहन ने कहा, ‘हम उसे पहले जगप्रवेश चंद्र अस्पताल ले गए। फिर हम गुरु तेग बहादुर अस्पताल गए। उसका बहुत खून बह रहा था और हम डॉक्टरों से कम से कम खून रोकने की गुहार लगाते रहे। बाद में, उसने खून की उल्टी की और हमें लगा कि हमने उसे खो दिया है।’
परिवार ने कहा कि इसके बाद उन्होंने अन्य निजी अस्पतालों से संपर्क किया और अंत में उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां अगली सुबह तड़के इलाज शुरू हुआ।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मधु और कुमार की एक और चार साल की दो बेटियों को हमले के बाद आरोपी के रिश्तेदार अपने साथ ले गए और उनका अब तक कुछ पता नहीं चला है। इस बीच, मधु की पहली शादी से हुई 12 वर्षीय बेटी को घर के बाहर गली में छोड़ दिया गया था।
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि यह हमला शादी में वर्षों से हो रहे शोषण का परिणाम था।
उन्होंने दावा किया कि मधु को उसकी सास बार-बार ताने मारती थी और कुमार विवादों के दौरान नियमित रूप से अपने परिवार का पक्ष लेता था।
सौम्य ने दावा किया कि करीब चार साल पहले, मधु के गर्भवती होने के दौरान मारपीट और घर से निकाले जाने के बाद घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था।
बहन ने कहा, ‘तब अदालत ने आदेश दिया था कि उसे वापस घर ले जाया गया था।’
परिवार ने वैवाहिक कलह का संबंध सोनिया विहार की एक संपत्ति से भी बताया जिसके बारे में उनका दावा है कि मधु ने इसे कुमार के नाम पर खरीदा था।
रिश्तेदारों के अनुसार, मधु बाद में चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर वापस स्थानांतरित कर दी जाए ताकि वह अपनी बच्चियों के साथ अलग रह सके और लगातार होने वाले झगड़ों से दूर रह सके।
बहन ने कहा, ‘उसने कहा कि बच्चे जहरीले माहौल में बड़े हो रहे हैं और वह अपने दम पर रहना चाहती है। वह शुरू में मान गया था लेकिन उसने कभी संपत्ति स्थानांतरित नहीं की। बाद में, उसने उससे कम से कम कुछ पैसे देने को कहा ताकि वह बाहर जा सके।’
भाषा नोमान नोमान माधव
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