रांची। झारखंड की राजधानी रांची में योग सिखाने वाली एक महिला योग टीचर के घर पर पत्थरबाज़ी की घटना पर योगगुरु बाबा रामदेव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने नसीहत दी कि योग और धर्म का कोई लेना-देना नहीं है और योग में धर्म को नहीं लाया जाना चाहिए। योगगुरू बाबा रामदेव ने कहा कि इराक, इरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सऊदी अरब जैसे देशों में बड़ी तादाद में मुस्लिम योग करते हैं। योग तो एक व्यायाम, एक कसरत है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए किया जाता है।
देखें ट्वीट-
From Irag, Iran, Afghanistan, Pakistan to Saudi Arabia so many Muslims practice Yoga. It is an exercise which is good for mental & physical wellness, religion shouldn’t be brought into this: @yogrishiramdev on stones hurled at house of Muslim woman who teaches Yoga in Ranchi pic.twitter.com/0LAAdt6vcY
— IBC24 (@IBC24News) November 10, 2017
आपको बता दें कि राफिया नाज़ नाम की महिला योग टीचर कई वर्षों से लोगों को योग की ट्रेनिंग दे रही हैं। योग शिक्षा को लेकर उन्हें कई अवार्ड भी मिल चुके हैं, लेकिन उनका कहना है कि पिछले तीन साल से और खासकर पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बाद से उन्हें योग सिखाना बंद करने को लेकर लगातार धमकियां दी जा रही हैं। राफिया नाज़ के खिलाफ कथित तौर पर फतवा जारी होने के बाद उनकी सुरक्षा को खतरा देखते हुए झारखंड सरकार की ओर से दो बॉडीगार्ड भी दिए गए हैं।
आपको बता दें कि राफिया नाज़ ने योगगुरू बाबा रामदेव के साथ मंच साझा किया था और योग किया था। योगगुरू के मंच से योग करती राफिया नाज़ की ये तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया पर काफी चर्चित रही थीं, जिससे उन्हें एक पहचान भी मिली।
अब वही पहचान उनपर भारी पड़ रही हैं। राफिया का कहना है कि एक समुदाय के लोग मुझसे योग नहीं सिखाने को कह रहे हैं तो दूसरे समुदाय के लोग मुझसे मेरा नाम बदलने को कह रहे हैं। अब उनके घर पर पथराव की घटना सामने आने के बाद राफिया नाज़ एक बार फिर चर्चा में हैं, ऐसे में योगगुरू बाबा रामदेव की आज दी गई नसीहत काफी ख़ास है, जिसमें उन्होंने योग सिखाने पर हमला करने वालों को नसीहत दी है।
वेब डेस्क, IBC24