ज्यादा उड़ान नहीं भर पाएगी ”सोनचिड़िया”, दिल जीत लेगी ”लुका छुपी”
ज्यादा उड़ान नहीं भर पाएगी ''सोनचिड़िया'', दिल जीत लेगी ''लुका छुपी''
डायरेक्टर अभिषेक चौबे की फिल्म ”सोनचिड़िया” का ट्रेलर काफी दमदार था। फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत, मनोज बाजपाई, आशुतोष राणा, रणवीर शौरी और भूमि पेडनेकर लीड रोल है।
फिल्म की कहानी डाकू मान सिंह के गैंग की है जो बागी, बैरी डकैत और बागी सावधान जैसे दमदार डायलॉग से भरपूर है। फिल्म में डाकू मान सिंह (मनोज बाजपेयी) अपने 2 सबसे भरोसेमंद डकैत लखना(सुशांत सिंह राजपूत और वकील सिंह (रणवीर शौरी) के साथ मिलकर चंबल के बीहड़ों रहता है। इन्हें ना मौत का खौफ है ना जिंदगी की उम्मीद, बस इंतजार है सोनचिड़िया का मान सिंह अपनी गैंग के साथ गांव में डकैती करने जाता है..वहां मान सिंह के पीछे वहां का दरोगा वीरेंद्र गुर्जर लग जाता है।

जो बीहड़ों से डकैतों का सफाया करना चाहता है उसकी मान सिंह से जातिदुश्मनी भी है ऐसे में वो मान सिंह के पीछे वो सांप की तरह पड़ जाता है।
और सभी डकैत चूहे की तरह चंबल के बीहड़ों में उससे बचते फिरते हैं इसी बीच इंदुमति (भूमि पेडनेकर) और उसकी बहन ‘सोनचिड़िया’ की एंट्री होती है
जो दबंग ठाकुरों के जुर्म की सताई हुई है उसकी बहन सोनचिड़िया चाइल्ड एब्यूज़ का शिकार है दबंगों से बचने के लिए इंदु अपनी छोटी बहन को लेकर बीहड़ों में भागती है
वो अपनी बहन का इलाज कराना चाहती है और लखना डकैतों के साथ मिलकर उसकी मदद करता है लेकिन वकील सिंह इसका विरोध करते हैं
और उधर वीरेंद्र गुर्जर पुलिस मुठभेड़ में डाकू सरदार मान सिंह को मार गिराता है अब मान सिंह के बाद उनकी गैंग का क्या होता है क्या सोनचिड़िया को इलाज़ मिलताहै। ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।अगर बात की जाए एक्टिंग की तो इसमें कोई शक नहीं है कि फिल्म में बड़े-बड़े कलाकार हैं ऐसे में सब एक्टिंग में माहिर हैं उनसे कोई शिकायत नहीं है
फिल्म की लोकेशन बेहद रियल हैं 70 के दशक की ये कहानी है जब चंबल के बीहड़ों में डाकूओं का खौफ हुआ करता है 70 के दशक में कई चीजेहैं जो आपको खलेंगी। 70 के दशक की ये कहानी आम दर्शकों को ज्यादा रास नहीं आएगी क्योंकि फिल्म की कहानी बेहद स्लो है फिल्मांकन बेहद शानदार है.लेकिन कहानी बेहद कमजोर है फिल्म देखते वक्त आप एक वक्त इसे समझ नहीं पाएंगे या कहें ज्यादा बुद्धिजीवी होना पड़ेगा कि ऐसा क्यूं हुआ होगा, आखिर डायरेक्टर फिल्म में किस ”सोनचिड़िया” की बात कर रहे हैं ये आपको सोचना पड़ेगा
जिसे देखते वक्त आपको नींद भी आ सकती है ये फैमिली एंटरटेनमेंट फिल्म नहीं है लेकिन अगर आप कुछ हटकर सोशल ईशु बेस्ड फिल्में देखना पसंद करते है।
तो आप ये फिल्म देख सकते हैं बच्चों को लेकर ये फिल्म बिल्कुल मत जाना क्योंकि फिल्म में भर भर कर गालियां और बंदूक की गोलियों की आवाज है
जो बच्चों को परेशान हो सकते हैं कुल मिलकर एक से बड़कर एक कलाकार होने के बावजूद ये एक कमजोर कहानी के साथ रिलीज हुई है
अगर फिल्म की कहानी पर और काम किया जाता तो ये एक बेहतरीन फिल्म बन सकती थी..मेरी तरफ से इस 2.5/5 स्टार
दिल जीत लेगी ”लुका छुपी”
लुका छुपी की कहानी मथुरा के गुडडू (कार्तिक आर्यन )की है जिसे पहली नजर में रश्मि(कृति सेनन) से प्यार हो जाता है
गुड्डू ठहरे छोटे शहर का युवा लड़का जो रश्मि के साथ प्यार होने के बाद सीधे शादी करना चाहता है लेकिन रश्मि बिंदास और खुले मिजाज वाली लड़की है
वो गुड्डू को समझने के लिए लिव-इन रिलेशन में रहने के लिए कहती है दोनों लिव इन में रहना शुरू कर देते हैं लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब रश्मि के पिता जो शहर के नेता है। और वो लिव-इन के धुर विरोधी है, गुडडू और रश्मि पत्नी-पति बनकर रहते हैं लेकिन इसकी भनक इनके घरवालों को हो जाती है उसके बाद शुरू होता है फुल फैमिली ड्रामा है। जिसमें सीख दी जाती है कि बदलते वक्त के साथ माता पिता को भी बदलना चाहिए, अब क्या रश्मि और गुड्डू की शादी हो पाती है ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
वैसे भी ये फिल्म युथ्स को ध्यान में रखकर बनाई गई है..क्योंकि आजकल मेट्रो सिटी के कल्चर में लड़के-लड़कियों का घर से दूर बिना शादी के लिव-इन में रहने का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है.ताकी वो लाइफ पार्टनर को समझ सकें जान सकें..और नहीं पसंद आए जो जा सकें ! लेकिन छोटे शहरों में अभी ये लिव इन कल्चर उतना पॉपुलर नहीं हुआ है। लेकिन धीरे धीरे अब ये छोटे शहरों तक पहुंच गया है बस फिल्म की कहानी भी छोटे शहर की मानसिकता और वहां की जिदंगी की गहरी से पड़ताल है। फिल्म इंटरलव के बाद थोड़ी खींची लगती है लेकिन कॉमेडी और गानों के दम पर आपको वक्त का पता नहीं चलेगा..खासतौर पर कार्तिक आर्यन और कृति की जोड़ी गजब की लगी है। वहीं कृति सेनन पहले भी बिंदास और खुले मिजाज वाली लड़की का रोल कर चुकी हैं गुड्डू के रोल में कार्तिक ने शानदार एक्टिंग की है मथुरा की भाषा गेटअप आपको इंप्रेस करेगा।फिल्म के गानें भी काफी धमाकेदार है कार्तिक आर्यन के साथ कृति सेनन की जोड़ी कमाल की लगी है विनय पाठक और पंकज त्रिपाठी की एक्टिंग शानदार है अपारशक्ति का रोल भी मजबूत है
कुल मिलाकर आप इस फिल्म को देख सकते हैं आप बोर नहीं होंगे। .क्योंकि छोटे शहर की लवस्टोरी, बेहतरीन गानें, जबरदस्त एक्टिंग के साथ कॉमेडी तड़का उस पर और खूबसूरत रोमांटिक जोड़ी का कमाल आपको इंप्रेस करेगा।
मेरी तरफ से 3/5 स्टार….

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