Actor Srinivasan Passed Away / Image Source: IBC24
मलयालम सिनेमा के दिग्गज एक्टर-डायरेक्टर, पटकथा लेखक श्रीनिवासन ने शनिवार 20 दिसंबर को 69 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने एर्नाकुलम के त्रिपुनिथुरा स्थित एक अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। श्रीनिवासन लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और बीते दिनों से स्वास्थ्य कारणों के चलते ही वो अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से पूरे केरल में शोक की लहर है और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को गहरा झटका लगा है।
श्रीनिवासन कुन्नूर के रहने वाले थे और बीते कुछ सालों से कोच्चि में रहते थे। उन्होंने अपने करियर में कई बेहतरीन किरदार निभाए हैं। अच्छे एक्टर के साथ श्रीनिवासन एक डायरेक्टर और राइटर भी थे। श्रीनिवासन ने लगभग 200 से ज्यादा फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जादू बिखेरा था। श्रीनिवासन ने 1976 में पी. ए. बैकर की फिल्म ‘मणिमुज्जख्खम’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और 1979 में ‘संघगानम’ में मुख्य भूमिका निभाई।
श्रीनिवासन अपनी सिनेमाई विरासत के साथ एक भरपूर परिवार पीछे छोड़ गए हैं। श्रीनिवासन के 2 बेटे, विनीत और ध्यान श्रीनिवासन हैं और दोनों एक्टिंग की दुनिया में काम करते हैं। उन्होंने चेन्नई स्थित तमिलनाडु फिल्म और टेलीविजन संस्थान से प्राप्त औपचारिक प्रशिक्षण ने उनके लेखन, अभिनय और निर्देशन में मजबूत नींव रखी थी।
श्रीनिवासन ने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किए, जिनमें एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, दो फिल्मफेयर अवार्ड साउथ और छह केरल राज्य फिल्म पुरस्कार शामिल हैं। उन्हें ‘संदेशम’ और ‘मझायेथुम मुनपे’ जैसी फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार मिला। निर्देशक प्रियदर्शन, सत्यन एंथिकड और कमल के साथ अक्सर काम करने वाले श्रीनिवासन ने मलयालम कॉमेडी और सामाजिक नाटक के स्वर्ण युग को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अभिनय में आम आदमी के किरदारों को निभाने की क्षमता दिखाई देती थी, जिसमें संयम, यथार्थवाद और सूक्ष्म व्यंग्य झलकता था।