IBC24 Shakti Samman 2026: मेहनत और आत्मविश्वास से लिखी नई ईबारत, IBC24 ने कई महिलाओं को ‘शक्ति सम्मान’ से किया सम्मानित, एक्ट्रेस सुष्मिता सेन बोलीं- नारियों में आत्मविश्वास जरूरी

मेहनत और आत्मविश्वास से लिखी नई ईबारत, IBC24 ने कई महिलाओं को ‘शक्ति सम्मान' से किया सम्मानित, Actress Sushmita Sen in IBC24 Shakti Samman 2026 Program

IBC24 Shakti Samman 2026: मेहनत और आत्मविश्वास से लिखी नई ईबारत, IBC24 ने कई महिलाओं को ‘शक्ति सम्मान’ से किया सम्मानित, एक्ट्रेस सुष्मिता सेन बोलीं- नारियों में आत्मविश्वास जरूरी

IBC24 Shakti Samman 2026. Image Source- IBC24

Modified Date: March 23, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: March 23, 2026 9:36 pm IST

रायपुरः IBC24 Shakti Samman 2026 मध्यप्रदेशछत्तीसगढ़ के नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली मातृशक्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से सोमवार को ‘शक्ति सम्मान 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया। राजधानी रायपुर में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 27 प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर नया मुकाम हासिल किया है और प्रदेश को गौरवान्वित किया। कार्यक्रम में एक्ट्रेस सुष्मिता सेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई और सभी महिलाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी उपस्थित रही।

सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत से पहले चैनल के एडिटर इन चीफ रवि कांत मित्तल ने सुष्मिता सेन से संवाद किया और उनसे उनके जीवन को लेकर कई अहम सवाल किए। एडिटर इन चीफ मित्तल ने उनसे पूछा कि आप सफल महिला किसे मानती है। इस पर एक्ट्रेस ने IBC24 का धन्यवाद देते हुए कहा कि, मुझे यहां महिलाओं के सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है, यह मेरे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि, महिलाओं में आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है। उनके आसपास के लोगों का सकरात्मक मदद उन्हें मिलना चाहिए। अगर समाज की महिलाओं का आत्मविश्वास ज्यादा है तो वह समाज निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा। मौजूदा दौर में महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती के सवाल पर सुष्मिता सेन ने कहा कि, डर वो चीज है जो हमें सिखाया जाता है और यह हमें समाज ही सिखाता है। लेकिन अब माहौल और वक़्त बदल रहा है। जिस समाज में महिलाओं के पास आत्मनिर्भरता होती है, वह समाज काफी आगे जाता है और यह सिर्फ भारत की ही बात नहीं पूरी दुनिया में ऐसा होता रहा है। सुष्मिता सेन ने कहा कि, जहां महिलाओं को आजादी है, आत्मनिर्भरता है और उनका सम्मान है, वह समाज और वह देश काफी आगे बढ़ता है।

सिंगल मदर को लेकर एक्ट्रेस ने कही ये बात

IBC24 Shakti Samman 2026 सिंगल मदर के सवाल पर एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने 1999 में पहली बेटी को गोद लिया था और तब वे केवल 24 साल की थी। इस दौरान लोगों ने कई प्रकार की बातें की। सुष्मिता सेन ने बताया कि, लोगों ने कहा था कि वो अपने करियर को लेकर सीरियस नहीं है। कई लोगों ने कहा कि ये कोई उम्र होती है क्या मां बनने की? सुष्मिता सेन ने आगे बताया कि कई लोगों ने कहा कि खुद के बच्चे क्यों नहीं चाहिए, ये अपना खून थोड़ी है, जैसी कई प्रकार की बातें हुई। एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने आगे बताया कि, कोर्ट में जज ने उनके पिता से कहा था कि, आपकी बेटी ने जो कदम उठाया है उसके बाद कोई अच्छे घर का लड़का आपकी बेटी से शादी नहीं करेगा। इस पर उनके पिता ने जज से कहा था कि, सर मेरी बेटी किसी की बीवी बनने के लिए नहीं है। एडिटर इन चीफ रवि कांत मित्तल ने उनसे पूछा कि अगर आप एक्ट्रेस नहीं होती तो क्या होती? इस पर एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने कहा कि मैं एक्ट्रेस नहीं होती तो प्रधानमंत्री होती। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर जमकर हठाके लगने लगे।

समाज में बढ़ रही बेटियों की भागीदारी- लक्ष्मी

वरिष्ठ एंकर पुनीत पाठक ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से संवाद किया। इस दौरान मंत्री राजवाड़े ने समाज में बेटियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, एक दौर में हर परिवार को बेटे की जरूरत होती थी। घर में जन्म लेने वाले संतान के बेटा होने की आस परिवार को रहती थी, लेकिन आज बदलते सामाजिक परिवेश में लोगों के बीच यह सोच बदली है। वे बेटी पैदा होने पर भी अब सोचते है कि बेटियां भी बेटे से कम नहीं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर कहा कि, राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन हुए हैं। महिलाओं में शिक्षा के लिए जागरूकता भी बढ़ी हैं। यह जागरूकता इसलिए भी जरूरी है कि, इसका लाभ न सिर्फ उसे बल्कि आने वाली पीढ़ी को मिलती है। बात खेल के क्षेत्र की करें तो यहां भी महिलाओ और बेटियों की भागीदारी देखने को मिल रही है। बस्तर ओलम्पिक के साथ सरगुजा ओलम्पिक इसके ताजा उदाहरण है, जहां बेटियों की उल्लेखनीय हिस्सेदारी दिखाई दे रही है। कार्यक्रम में महिलाओं के अलावा अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले पुरुषों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एडिटर इन चीफ रवि कांत मित्तल में आभार व्यक्त किया।

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