भोपाल, 21 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जिंसी स्थित बूचड़खाने की एक गाड़ी में मिले मांस की जांच में पिछले दिनों गौ-मांस की पुष्टि होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को महापौर मालती राय के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया और इस दौरान उनकी नाम पट्टिका तथा होर्डिंग्स पर लगी फोटो पर स्याही पोत दी।
इस प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ‘महापौर मुर्दाबाद’, महापौर इस्तीफा दो और ‘मुल्ला मालती राय’ के नारे भी लगाए। भोपाल की महापौर मालती राय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कि 17 दिसंबर 2025 की रात जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में पुलिस मुख्यालय के पास एक ट्रक पकड़ा गया था, जिसमें करीब 26.5 टन मांस भरा हुआ था।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसे भैंस का मांस बताया गया लेकिन जब मथुरा स्थित सरकारी प्रयोगशाला में इसकी जांच कराई गई तो स्पष्ट हुआ कि जब्त किया गया मांस गाय या उसके वंश का है।
मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस प्रकरण की तफ्तीश के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और इसकी कमान सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के एक अधिकारी को दी गई है।
उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद से कई हिन्दुत्वादी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी इसे जोरशोर से उठा रही है।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दोषियों के ठिकानों पर तत्काल बुलडोजर चलाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता अभिजीत सिंह राजपूत ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि 26 टन से अधिक गौ-मांस पकड़ा गया है लेकिन नगर निगम सिर्फ ‘लीपापोती’ का काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर और नगर निगम के संरक्षण में बूचड़खाने में गाय काटी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम प्रदर्शन कर रहे हैं और महापौर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नाम पट्टिका पर स्याही क्यों पोत दी तो राजपूत ने कहा, ‘‘जो ऐसा कृत्य करता है और गौ माता को काटने वालों को संरक्षण देता है… अभी तो नाम पट्टिका पर कालिख पोती है… ऐसे लोगों को जूते की माला पहनाई जानी चाहिए। चेहरा काला किया जाना चाहिए।’’
इस बारे में मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है और बूचड़खाने के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि बूचड़खाने के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे भी जब्त किए गए हैं और पूरी जांच करके किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच, बुधवार को ही कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बूचड़खाने का निरीक्षण किया और सरकार से पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि बूचड़खाने के सामने का मुख्य द्वार सील बताया गया था, वहीं दूसरी ओर पीछे का दरवाजा खुला हुआ मिला।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि प्रशासन को गुमराह करते हुए पीछे के रास्ते से अनैतिक एवं अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।’’
शर्मा ने यह दावा भी किया कि मौके पर बूचड़खाने के संचालक असलम कुरैशी के निजी वाहन तथा नगर निगम के वाहन भी बाहर खड़े पाए गए।
उन्होंने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक लापरवाही और संभावित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इस मामले में कुरैशी और एक चालक को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि नगर निगम ने एक पशु चिकित्सक समेत नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और तीन अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।
भाषा ब्रजेन्द्र नोमान
नोमान