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भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के स्लॉटर हाउस में 26 टन गौमांस मिलने के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। भोपाल पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित इस एसआईटी की कमान एसीपी उमेश तिवारी को सौंपी गई, जबकि दो थाना प्रभारी भी जांच टीम में शामिल किए गए।
इस मामले में नगर निगम की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। स्लॉटर हाउस में तैनात नगर निगम कर्मी वसीम खान, सलीम खान, राजा खान, शेख यूसुफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद और अब्दुल रहमान को निलंबित कर दिया गया है। वहीं युसूफ खान, अब्दुल हकीम और मोहम्मद रफीक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा प्रभारी सहायक यंत्री सौरभ सूद समेत दो अन्य कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने नगर निगम से स्लॉटर हाउस से संबंधित अहम फाइलें और दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें वर्ष 2014-15 से अब तक के टेंडर, अनुमति पत्र, पीपीपी मॉडल से जुड़े करार और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि गौवंश कटान की अनुमति किस स्तर पर और कब से दी गई।
मुख्य आरोपी स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा की रिमांड के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि भोपाल से गोमांस शिपिंग कंटेनरों के जरिए मुंबई भेजा जाता था और वहां से गल्फ व अन्य अरब देशों में सप्लाई की जाती थी। वहीं हड्डियों को चीन भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इस नेटवर्क में ट्रक ड्राइवर शोएब की भूमिका भी उजागर हुई है, जो रिमांड पर है। जांच में पता चला है कि उसे प्रति ट्रिप 10 से 15 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार असलम कुरैशी का यह अवैध कारोबार केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि बिहार, बेंगलुरु, हैदराबाद और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था।
दरअसल 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने एक ट्रक को रोका था, जिसमें 25 से 26 टन मांस होने का दावा किया गया। सैंपल जांच के लिए भेजे गए मांस की रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने भोपाल नगर निगम के हाईटेक स्लॉटर हाउस को सील कर दिया।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी आरोपी सामने आ सकते हैं। एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि गौवंश कटान कब से और किसके संरक्षण में हो रहा था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।