weather news today/ image source: IBC24
भोपाल: उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी साफ नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश Weather News Today को देखें तो प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर ने दस्तक दे दी है, जिससे कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है। इस मौसम में तापमान में गिरावट के कारण प्रदेश के 25 शहरों का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर चुका है।
Weather News Today के बारे में बात करें तो, राजधानी भोपाल में भी ठंड का कहर देखने को मिल रहा है। यहां का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। शहर के प्रमुख इलाकों में सुबह के समय ठंडी हवाएं और कोहरा भी बढ़ गए हैं, जिससे सड़क पर चलना भी मुश्किल हो रहा है।
Weather News Today को लेकर यह बात भी सामने आई है कि, प्रदेश के शहडोल और रीवा संभाग में शीतलहर का प्रकोप और बढ़ गया है। इन इलाकों में तापमान गिरकर 3 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे रातें और भी सर्द हो गई हैं। खासकर शहडोल जिले में तापमान 3 डिग्री तक गिरने से लोगों को कड़ी ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश का उमरिया जिला इस वक्त प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी के कारण प्रदेश में ठंडी हवाएं आ रही हैं, जो पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदेश के तापमान में गिरावट ला रही हैं। इसके अलावा जेट स्ट्रीम का असर भी मध्यप्रदेश पर दिखाई दे रहा है, जिससे सर्द हवाएं और कोहरा फैल रहा है।
मध्यप्रदेश में घना कोहरा और ठंड बढ़ने के कारण रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों के बीच चलने वाली ट्रेनों के समय में देरी हो रही है। इसके साथ ही, सर्द हवाओं के कारण उड़ानों में भी कुछ देरी हो रही है। रेलवे विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेनों की समय-सारणी की जांच कर लें। इंदौर, उज्जैन, रायसेन और प्रदेश के अन्य कई जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखा जा रहा है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है। हालांकि, दिन के समय तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन रात के समय फिर से सर्दी का प्रभाव बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 22-23 जनवरी के बाद मध्यप्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है। यह बारिश ठंड को और बढ़ा सकती है, और इसके साथ ही कोहरे और शीतलहर के प्रभाव में भी इजाफा हो सकता है।