Twisha Case Court Update : समर्थ और गिरिबाला को कोर्ट लेकर पहुंची CBI! दोनों पक्षों के वकीलों की मौजूदगी में मांग ली इतने दिन की रिमांड, क्या खुलेगा कोई गहरा राज़?

Ads

भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा डेथ केस में दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। CBI ने आगे की जांच के लिए पांच-पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग की है, जबकि एक आरोपी की मौजूदा रिमांड आज खत्म हो रही है।

Twisha Case Court Update : file : IBC24

HIGHLIGHTS
  • दोनों आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश
  • CBI ने मांगी 5-5 दिन की अतिरिक्त रिमांड
  • हाई कोर्ट के फैसले के बाद जांच में तेजी

भोपाल : Twisha Case Court Update :  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा डेड केस में दोनों मुख्य आरोपियों, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को शोभना भलावे की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान जांच को आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई के वकील ने कोर्ट से दोनों ही आरोपियों की पांच-पांच दिन की और रिमांड मांगी है।

Giribala Singh Court Hearing आज खत्म हो रही समर्थ की रिमांड

आपकों बता दें की है आज सुबह डिप्टी सुप्रीडेंट निशु कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी सीबीआई दफ्तर पहुंचे हैं। गिरिबाला और समर्थ फिलहाल सीबीआई की कस्टडी में हैं। आरोपी समर्थ की एक हफ्ते की रिमांड आज खत्म हो रही है, जिसके बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जा रहा है। वहीं, मामले की दूसरी आरोपी गिरिबाला को भी आज ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई द्वारा उसकी रिमांड मांगी जाएगी।

कल सीबीआई पहुंची थी घर और हुई थी गिरफ़्तारी

आपकों बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट ने गिरीरबला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया था। कोर्ट के इस कड़े फैसले के बाद सीबीआई (CBI) की टीम गिरीबाला सिंह को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी और सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की थी। सात घंटे लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार गिरिबाला सिंह को CBI ने गिरफ्तार किया था।

CBI Remand Application जाँच से बचाने की कर रही थी कोशिश’

आपको बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट में बुधवार दोपहर 2:30 बजे आरोपी सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई । सुनवाई में हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने दलील दी कि जिला अदालत ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जल्दबाजी में गिरिबाला सिंह को जमानत दे दी। उन्होंने अदालत को बताया कि अग्रिम जमानत मिलने से पहले और बाद में भी गिरिबाला सिंह ने जांच एजेंसी के नोटिसों का जवाब नहीं दिया और लगातार जांच से बचने की कोशिश करती रहीं।

इन्हें भी पढ़ें :