ग्वालियर, 12 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के ग्वालियर में ऑनलाइन निवेश के जरिये भारी मुनाफे का झांसा देकर 70 वर्षीय एक चाटर्ड एकाउंटेंट (सीए) से छह महीने में 21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ठग ली गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ग्वालियर के इंदरगंज इलाके में रहने वाले अशोक विजयवर्गीय ने ठगी का एहसास होने पर साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
साइबर अपराध शाखा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संजीव नयन शर्मा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विजयवर्गीय के साथ ठगी की शुरुआत दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में हुई थी, जब एक महिला ने व्हाट्सअप के माध्यम से उनसे संपर्क किया था।
शर्मा के मुताबिक, महिला ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर विजयवर्गीय को ऑनलाइन निवेश का प्रस्ताव दिया और उनका विश्वास जीतने के लिए शुरुआती निवेश राशि पर लाभ भी दिलाया।
शर्मा ने बताया कि ठगों ने एक फर्जी पोर्टल बनाकर निवेश की रकम पर लाभ दिखाना शुरू कर दिया और विजयवर्गीय उनके जाल में फंसते चले गए।
उन्होंने बताया कि विजयवर्गीय ने 21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेश कर दी और जब रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने बहाने बनाकर उन्हें टालना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार, निवेश की रकम वापस देने के लिए भी ठगों ने उनसे करोड़ों रुपये मांगे।
शर्मा ने विजयवर्गीय की शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि उनके चार बैंक खातों से 100 से ज्यादा लेन-देन हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अभी पुलिस ने करीब 1.75 करोड़ रुपये के लेनदेन पर रोक लगवा ली है और मामले की जांच कर रही है।
शर्मा ने बताया उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जा रहा है, जिनमें ठगी की रकम अंतरित हुई थी।
भाषा
सं ब्रजेन्द्र पारुल
पारुल