mohan cabinet/ imagesource: ibc24
CM Mohan Cabinet Ki Baithak: भोपाल: भोपाल में मोहन कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त हो गई, जिसके बाद चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को वर्ष 2029 तक लागू करने के लिए संसद कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिस पर मध्य प्रदेश कैबिनेट ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
राज्य सरकार ने इस अधिनियम को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। 25 अप्रैल तक “नारी शक्ति वंदन उत्सव” मनाया जाएगा, जिसके तहत पद यात्राएं, महाविद्यालयों में कार्यक्रम और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजातीय महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में कई योजनाओं की निरंतरता को भी मंजूरी दी गई, जिनमें प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, मध्यान भोजन परिषद, मिशन शक्ति और ग्रामीण पंचायत विभाग की परियोजनाएं शामिल हैं।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम फैसले लिए हैं। सागर जिले की मीडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत 286 करोड़ रुपये होगी और इससे 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना से सागर जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के किसान लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। केंद्र सरकार द्वारा खाद पर न्यूट्रियंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) के तहत दी गई सहायता के लिए भी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री का आभार जताया। यह सब्सिडी 4317 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024–25 में जहां 9.96 लाख लीटर प्रतिदिन उत्पादन होता था, वह बढ़कर 12.460 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है, यानी लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कैबिनेट ने इस उपलब्धि को सराहा और संबंधित योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी। इसके साथ ही, ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को राहत देने का निर्णय लिया गया है। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रभावित किसानों को राहत देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की निरंतरता को मंजूरी दी गई है, साथ ही कृषि यंत्रीकरण (मैकेनाइजेशन) योजना को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया है।
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