Madhya Pradesh में कोरोना की मार! कैसे स्कूल चलें हम? ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर क्या है सरकार की तैयारी?

Madhya Pradesh में कोरोना की मार! कैसे स्कूल चलें हम? Corona kills in Madhya Pradesh! How do we go to school?

Madhya Pradesh में कोरोना की मार! कैसे स्कूल चलें हम? ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर क्या है सरकार की तैयारी?
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: December 3, 2021 11:45 pm IST

भोपालः सारे देश में इन दिनों कोरोना के नए दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर चर्चा है। चिंता इसीलिए भी बढ़ गई क्योंकि बीते दिनों ये हमारे देश में भी दस्तक दे चुका है। मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों में फिर से सामने आ रहे कोरोना केस और खासतौर पर बच्चों के संक्रमित होने के मामले सामने आने के बाद प्रदेश वासियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने भी आपात बैठक बुलाकर कोरोना से निपटने के लिए सभी संसाधनों खास तौर पर ऑक्सीजन प्लांट्स संचालन व्यवस्था का परखना शुरू कर दिया है। सत्ता पक्ष का दावा है कि उसकी हर स्थिति पर पूरी नजर है। इधर, विपक्ष ने सरकार की व्यवस्थाओँ को नाकाफी और महज खानापूर्ति के तौर पर देखता है। सबसे अहम सवाल यही है क्या तीसरी लहर की आशंका के बीच तैयारी की गई है क्योंकि बीती दूसरी लहर का दंश से अब तक कई परिवार उबर नहीं पाए हैं।

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सारी दुनिया में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन की दहशत के बीच अब ये वायरस भारत में भी दस्तक दे चुका है। ऐसे वक्त में मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चो में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद प्रदेश में तीसरी लहर की आशंका ने लोगो को चिंता में डाल दिया है.। मध्य प्रदेश में बीते दिनों भोपाल में एक छात्रा समेत 7 संक्रमित मिले हैं। इंदौर में 4 और होशंगाबाद में एक मरीज मिला। इंदौर में क्वीन्स कॉलेज स्कूल में छठवीं की छात्रा पॉजिटिव मिली है, जबकि उसका भाई APS स्कूल के सेकेंड क्लास में पढ़ता है, वो भी संक्रमित पाया गया। प्रदेश में बीते 13 दिन में कुल 200 केस आए हैं। यानि रोजाना औसत 15 केस मिले हैं। भोपाल में 87 मामले यानी हर दिन औसत 7 मरीज मिल रहे हैं। इंदौर 72 केस मिले हैं। रायसेन में 12, जबलपुर में 8 और होशंगाबाद, अशोकनगर, नरसिंहपुर और बैतूल में 1-1 केस शामिल हैं। फिलहाल प्रदेश में ओमीक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है। कोरोना के संक्रमितों को देखते हुए सरकार भी अलर्ट है। प्रदेश के भोपाल-इंदौर में ज्यादा एहतियात बरती जा रही है। भोपाल में होम आइसोलेशन सिस्टम खत्म कर दिया गया। अब किसी भी नए पॉजिटिव केस के पता चलने पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता है बच्चों के कोरोना के संक्रमित होने की। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सरकार अपना काम कर रही है। अब लोगो को सचेत रहने की जरूरत है।

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मध्यप्रदेश में फिलहाल सब कुछ अनलॉक है। सभी आयोजन पूरी क्षमता के साथ किए जा रहे हैं। इसी बीच ओमीक्रॉन की देश में दस्तक और तीसरी लहर की आशंका को लेकर विपक्ष सरकार के फैसले पर हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है सरकार केवल तीसरी लहर के लिए चेतावनी और अपील जारी कर पल्ला झाड़ना चाहती है।

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प्रदेश में कोरोना की पहली और खास तौर पर दूसरी लहर के दंश से अभी तक लोग उबर नहीं पाए हैं। उसपर फिर से सामने आ रहे मरीज, ओमीक्रॉन की आमद और तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का डर। जाहिर तौर पर ये वक्त किसी भी नियम-निर्देश को हल्के में लेने का नही है। कोरोना से सुरक्षा के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना और उसे सख्ती से पालन करवाना ही सबसे कारगर तरीका दिखता है। सवाल ये भी क्या पिछली कोरोना लहर के खामियों से सबक लेकर सारी तैयारियां पुख्ता कर ली गई हैं ?

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।