Guna Hospital Video : जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही, मरीज के लिए कुर्सी को ही बना दिया स्ट्रेचर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल… सवालों के घेरे में सिस्टम

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Guna Hospital Video : जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही, मरीज के लिए कुर्सी को ही बना दिया स्ट्रेचर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल...सवालों के घेरे में सिस्टम

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 03:31 PM IST

Guna Hospital Video/Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मरीज को कुर्सी पर लिटाकर शिफ्ट करने का वीडियो वायरल
  • क्रिटिकल यूनिट में स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं होने का आरोप
  • स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

Guna Hospital Video : एमपी के गुना जिला अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट में बड़ी लापरवाही सामने आई है, यहां शिफ्टिंग के दौरान कुर्सी को स्ट्रेचर बनाकर मरीज को ले जाया गया। जिसका वीडियो (Guna Hospital Video) अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे सिस्टम सवालों के घेरे में है।

जी हाँ गुना जिला अस्पताल से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक मरीज को स्ट्रेचर की जगह कुर्सी का इस्तेमाल किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे क्रिटिकल यूनिट में शिफ्ट किया जा रहा था, लेकिन वार्ड में एक स्ट्रेचर तक नहीं मिला। अस्पताल प्रशासन की इस भारी चूक और संवेदनहीनता का वीडियो (Guna Hospital Video) अब सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से वायरल हो रहा है। वार्ड बॉय को स्ट्रेचर नहीं मिला, तो जान बचाने के लिए लोग कुर्सी पर लेटाकर मरीज को कुछ इस तरह ले जाते दिखे। उन्हें यह जोखिम भरा कदम उठाना पड़ा।

यह घटना सरकारी दावों की पोल खोलती है कि आखिर इमरजेंसी में भी स्ट्रेचर (Guna Hospital Video) क्यों गायब हैं? यह तस्वीर चीख-चीखकर बता रही है कि करोड़ों के बजट के बाद भी धरातल पर गरीब की जान दांव पर लगी है। क्या अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे चल रही हैं??

देखें वीडियो

 

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गुना अस्पताल वीडियो में क्या दिखाया गया है?

वीडियो में एक गंभीर मरीज को स्ट्रेचर की जगह कुर्सी पर लिटाकर अस्पताल के अंदर ले जाते हुए दिखाया गया है।

यह घटना कहाँ की है?

यह मामला मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल का बताया जा रहा है।

स्ट्रेचर क्यों उपलब्ध नहीं था?

इस पर आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन यह प्रबंधन की कमी या संसाधनों की अनुपलब्धता का संकेत हो सकता है।

क्या इस मामले में कार्रवाई हुई है?

ऐसे मामलों में आमतौर पर जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन कार्रवाई की स्थिति प्रशासनिक अपडेट पर निर्भर करती है।

मरीज की हालत कैसी थी?

रिपोर्ट्स के अनुसार मरीज की हालत गंभीर थी और उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट किया जा रहा था।

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