भोपालः Lodhi Samaj convention मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लोधी समाज का एक बड़ा सम्मेलन समाज के गौरव हिरदेशाह की पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ। यूं तो कार्यक्रम गैर सियासी के तौर पर प्रचारित लगातार किया जा रहा था लेकिन बयान सारे सियासी ही आए। पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा- देश 1947 को भले आजाद हुआ, लेकिन असल आजादी 2014 में मिली। ये और बात है कि यही बात कंगना ने कही थी तो जमकर ट्रोल हुई थीं। उमा भारती ने अपने फायर ब्रांड अंदाज में ये भी कहा कि आरक्षण कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने भी भीड़ और मौके की नजाकत भांप कर ऐलान किया कि राजा हिरदेशाह की जीवनी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी।
Lodhi Samaj convention आयोजन समाज के नाम पर सजा था तो कांग्रेस के भी विधायक सहित कई नेता मंच पर नजर आए। आदिवासी नेता सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और मंत्री विजय शाह भी पहुंचे। हालांकि मंच पर जरूर कांग्रेसी साथ हैं लेकिन पार्टी की राय बिलकुल अलग है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज को नहीं, बल्कि उमा भारती, प्रहलाद पटेल और प्रीतम लोधी जैसे नेताओं को फायदा होगा। कांग्रेस कह रही है कि दबाव बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस आयोजन को भले गैर सियासी बताया गया हो लेकिन सवाल उठता है कि क्या ये वाकई कुछ नेताओं का शक्ति प्रदर्शन था? यदि कार्यक्रम लोधी समाज का था तो आदिवासी नेता भी मंच पर क्यों थे और उनमें ज्यादा संख्या उन सभी की क्यों थी जो पद पर रहते हुए भी हाशिए में नजर आते हैं। क्या इस कार्यक्रम के जरिए सत्ता या संगठन को कोई सन्देश देने की कोशिश की गई है। क्यूंकि राजा हिरदेशाह की पुण्यतिथि इतने धूमधाम से तो कभी नहीं मनाई गई।