उज्जैन (मध्यप्रदेश), 17 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए, जिसकी वजह से धक्का-मुक्की में कुछ लोग कथित तौर पर मामूली रूप से घायल हो गए।
इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग भीड़ में धक्का-मुक्की करते दिख रहे हैं जबकि पुलिस उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करती दिख रही है। ऐसे ही कुछ वीडियो में श्रद्धालु स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराते दिख रहे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ इस प्रकार के वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
हालांकि, मंदिर प्रबंध समिति और जिलाधिकारी रोशन सिंह ने दावा किया है कि मंदिर में भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी और ना ही कोई अफरातफरी एवं अव्यवस्था जैसा माहौल था।
जिलाधिकारी सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से बातचीत में कहा कि कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया मंच पर मंदिर में अफरा-तफरी एवं अव्यवस्था संबंधी ‘भ्रामक खबरें’ प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वह पूर्णतः खंडन करते हैं।
उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी और पूजन-दर्शन का कार्यक्रम निर्बाध गति से जारी है। उन्होंने कहा कि नागपंचमी, सावन का सोमवार और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही।
उन्होंने कहा, ‘अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। विभिन्न मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।’
जिलाधिकारी ने अपील की है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें और भ्रामक अथवा अपुष्ट खबरों को साझा न करें।
उज्जैन में नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के संयोग पर रविवार मध्यरात्रि 12 बजे भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले गए थे। महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित इस मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी पर खुलते हैं।
इस बीच, उज्जैन में सोमवार को भारी भीड़ देखी गई और हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए प्राचीन शहर में पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मंदिर शहर की ओर जाने वाली सड़कों पर लगातार यातायात जाम देखा जा रहा है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र अमित ब्रजेन्द्र माधव
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